गोरखपुर में पिछले कुछ दिनों में हुई कई वारदातों में यह सामने आया है कि कातिल कोई अपना ही रहा। परिवार में मनमुटाव, शक या फिर झूठी शान कत्ल की वजह बन रही है। समाज शास्त्रियों के मुताबिक, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह समाज की बदलती मानसिकता है। संयुक्त की जगह परिवार एकल हो गए हैं। जिसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा इतनी भारी साबित हो रही कि जान लेने जैसा कदम उठाने में भी लोगों को जरा संकोच नहीं हो रहा।
हाल के दिनों में हुई घटनाएं
- 02 नवंबर 2020: चिलुआताल इलाके के अमवा में पत्नी पर शक करने वाले पति ने कुल्हाड़ी से हमला करके उसकी हत्या कर दी।
- 01 नवंबर 2020: गोरखनाथ इलाके के लच्छीपुर में शराब पीकर घर लौटे युवक ने पत्नी से विवाद किया, पत्नी ने उसका प्रतिकार किया तो युवक को जान गंवानी पड़ी।
- 29 अक्तूबर 2020: चिलुआताल इलाके में छोटी बहन के प्रेम संबंधों से नाराज भाई ने फावड़े से उसकी हत्या कर दी।
- 26 अक्तूबर 2020: कोतवाली इलाके के मियां बाजार में संपत्ति के विवाद में रेलवे कर्मचारी प्रेम शंकर की रॉड से हमला करके भाइयों और मां ने हत्या कर दी।
- 25 अक्तूबर 2020: चिलुआताल इलाके के बरगदवां में लेनदेन को लेकर दुकानदार भाइयों में विवाद, मारपीट, एक भाई की मौत हो गई।
- 15 अक्तूबर 2020: शाहपुर इलाके के रामजानकी नगर, नया टोला में बुजुर्ग मां और भांजे की हत्या युवक ने अपने साथी संग मिलकर कर दी। वारदात में पिता और उसकी पत्नी सहित रिश्तेदार ने भी साथ दिया।