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संपत्ति की लालच में प्रेमी के साथ मिलकर रची थी अधेड़ के हत्या की साजिश, पुलिस ने किया खुलासा

Mon, 18 Jan 2021 11:23 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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अचेत अवस्था में मिला था अधेड़। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिले के कुसम्ही जंगल में गला रेतकर फेंके गए अधेड़ की पहचान करने के साथ ही पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पता चला है कि रामगढ़ताल के गोपलापुर निवासी सुदामा यादव का गला रेतकर जंगल में फेंका गया था। आरोपियों की पहचान गोपलापुर निवासी गुड़िया, बेतियाहाता निवासी अर्जुन चौहान और रामगढ़ताल, दुर्गा मंदिर निवासी ऑटो चालक अमित साहनी के रूप में हुई है।
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पड़ोस में रहने वाली गुड़िया ने अपने प्रेमी अर्जुन और उसके दोस्त अमित के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। अर्जुन और अमित ने गला रेता था और सुदामा को मरा समझकर जंगल में फेंका था। उस दौरान तीनों नशे में धुत थे। मेडिकल कॉलेज में भर्ती सुदामा के होश आने के बाद पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

एसपी सिटी सोनम कुमार व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता कर वारदात का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी की सुबह सात बजे कुसम्ही जंगल में राहगीरों ने खून से लथपथ और अचेत पड़े अधेड़ के होने की सूचना दी थी।
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मकान और डेढ़ बीघा जमीन हड़पने के लिए की वारदात

पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। छानबीन पर पता चला कि सुदामा अकेले रहता है और पड़ोस में रहने वाली गुड़िया उसकी देखभाल करती थी। नौ जनवरी को सुदामा, गुड़िया, अर्जुन और ऑटो चालक अमित के साथ तरकुलहा देवी मंदिर गया था। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।

गुड़िया ने पुलिस को बताया कि देखभाल के दौरान सुदामा से उसके संबंध हो गए थे। उसके परिवार में कोई नहीं था। एक बेटी है, जिसकी शादी हो गई है। इसलिए मकान और डेढ़ बीघा जमीन हड़पने के लिए अपने प्रेमी अर्जुन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। नौ जनवरी को घूमने के बहाने ऑटो से वे लोग सुदामा को तरकुलहा देवी मंदिर ले गए। जहां शराब पीने के बाद सभी ने भोजन किया। लौटते समय सुदामा को बुढ़िया माई मंदिर दर्शन के बहाने कुसम्ही जंगल ले गए। शाम पांच बजे के करीब चाकू से गला रेतकर उसे ऑटो से नीचे फेंक दिया। उन्हें यकीन था कि सुदामा मर गया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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