कासगंज जिला कारागार। (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में रिटायर्ड दारोगा के बेटे का सिर काटकर हत्या करने वाले आरोपी रमेश यादव को शासन के निर्देश पर मंगलवार को कासगंज जेल भेज दिया गया। वह मंडलीय कारगार गोरखपुर में बंद था। उसपर जेल में गुटबाजी व गोलबंदी करने का आरोप था। जेल प्रशासन ने उसे दूसरी जेल भेजने के लिए शासन को पत्र लिखा था।
जानकारी के अनुसार बेलीपार थाना क्षेत्र के करजही गांव निवासी रमेश पर वर्ष 2014 में कुशीनगर के रिटायर्ड दरोगा नवल किशोर राव के बेटे लोकेंद्र की सिर काट कर हत्या करने का आरोप लगा था।
रिटायर्ड दरोगा की तहरीर पर उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। हत्या के बाद रमेश तीन साल तक फरार रहा। इस दौरान उसपर 25 हजार का इनामी घोषित हुआ था। रमेश फरारी के दौरान दिल्ली में पान की दुकान चलाता था और छिपकर घर आता था और पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो जाता था।
रमेश की धीरे-धीरे आपराधिक प्रवृत्ति बढ़ती गई। रमेश की गिरफ्तारी के बाद उसे गोरखपुर जेल में भेज दिया गया। जहां वह जेल में भी गुटबाजी-गोलबंदी करने लगा। जिससे जेल में उसकी बंदियों में मजबूत पकड़ बन गई।
जेल में होने वाली छिटपुट विवाद में भी उसका अहम रोल रहने लगा। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे शिफ्ट करने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। मंगलवार की सुबह उसे पुलिस फोर्स के साथ कासगंज जेल भेज दिया गया। इस संबध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने बताया कि उसे कासगंज जेल भेज दिया गया है।