आखिरकार घटना के 15 दिन बाद पुलिस को कर्त्तव्य बोध हुआ और शनिवार को पीपीगंज इलाके में किशोरी से दुष्कर्म कर उसे मां बनाने और नवजात की हत्या मामले में नाबालिग मां, उसके माता-पिता सहित पांच को हिरासत में ले लिया गया। खबर है कि नाबालिग मां ने दुष्कर्म करने वाले का नाम भी पुलिस को बता दिया है। पुलिस ने आरोपित की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी है।
दूसरी ओर नाबालिग ने पुलिस को बताया कि समाज के डर से बच्ची को साथ नहीं रख सकी। पैदा होने के अगले दिन ही उसे पटककर मार डाला था। हालांकि यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित के पकड़े जाने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, 6 फरवरी को पीपीगंज थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने नवजात की हत्या कर पैदाइश छिपाने का केस अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया था। विवेचना कैंपियरगंज थानेदार को सौंपी गई थी मगर पुलिस इस प्रकरण में केस दर्ज करने के बाद खामोश बैठी हुई थी। अमर उजाला ने संवेदनशील मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया। इसी का नतीजा रहा कि पुलिस ने तेजी दिखाई और शनिवार को पीड़ित के गांव जाकर मामले से संबंधित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
इन सबसे कैंपियरगंज थाने में पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद दो लोगों (किशोरी की दो चाची) को छोड़ दिया गया। नवजात की नाबालिग मां, उसके माता-पिता को कैंपियरगंज पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। इन सबसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा किशोरी के भाई को भी थाने पर बुलाया गया है। पुलिस ने नाबालिग मां का बयान लिया तो सच सामने आ गया। नाबालिग मां ने बताया कि गांव के एक युवक के घर उसका आना जाना था। उसी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर वह गर्भवती हो गई। बच्ची पैदा होने के अगले दिन उसकी हत्या कर दी।
नियमानुसार पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। कोई भी कितना भी प्रभावशाली हो, कार्रवाई होगी। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जल्दी पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
- डॉ सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी