उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव इलाके के विशुनपुर से दो दिन पहले लापता हुए आठ साल के मासूम आलोक विश्वकर्मा की गला रेतकर हत्या कर दी गई। गुरुवार को गांव के पास झाड़ी में शव मिला। इस मामले में पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया था, अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। सूचना पर फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वाड मौके पर पहुंचा। मिले संकेतों के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। एकलौते बेटे की मौत से विश्वकर्मा परिवार में मातम छा गया है।
जानकारी के मुताबिक, विशुनपुर निवासी ब्रह्मानंद विश्वकर्मा बढ़ई का काम करता है। चार मई की शाम उसका आठ साल का बच्चा आलोक लापता हो गया। घरवालों ने पहले तो गांव व आसपास में उसकी तलाश की, फिर रिश्तेदारों के घर संपर्क किया। उसका कहीं पता नहीं चलने पर चाचा शिव कुमार ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मामले में चाचा की तहरीर पर अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज कर जांच कर रही थी। इस बीच गुरुवार को गांव के पास झाड़ी में आलोक का शव मिला। मासूम के गले को रेतकर हत्या की गई है। सूचना पर बांसगांव पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।
जानकारी होने पर घरवाले भी पहुंच गए। इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच चुकी है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा। इस मामले में अपहरण का केस दर्ज है, हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।