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यूपी: लंबी है खाकी पर कलंक की फेहरिस्त, इन मामलों में भी शर्मसार हो चुकी है यूपी पुलिस

Sat, 23 Jan 2021 02:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
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पुलिस। (सांकेतिक तस्वीरे) - फोटो : iStock
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उत्तर प्रदेश के बस्ती पुलिस कर्मियों की करतूस सामने आने से तूफान मचा हुआ है। अलग-अलग तरीके से इसे परिभाषित किया जा रहा है। नया प्रकरण सामने आने पर पिछले करतूतों की चर्चा हो ही जाती है।

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गोरखपुर में व्यापारियों से हुई लूट के मामले में गिरफ्तार चार पुलिसकर्मी जिले में तैनात थे। इस मामले के पर्दाफाश के बाद कुछ पुरानी घटनाओं पर लोग जिक्र करने लगे। हाल के तीन वर्षों के भीतर ही कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पुलिस कर्मियों को जेल की हवा खाने की नौबत आ चुकी है। जानकार बताते हैं कि खाकी पर कलंक की फेहरिस्त लंबी है।  

घूस लेते हुआ था गिरफ्तार
अक्तूबर 2020 में लालगंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर विजय यादव को एंटी करप्शन टीम ने 40 हजार की रिश्वत लेते हुए मौके से गिरफ्तार किया गया था। थाने के बानपुर निवासी धर्मेंद्र चौधरी का शव पंखे से लटकता हुआ मिला था। परिजनों ने उसी गांव के उमेश चौधरी समेत चार अन्य लोगों पर भूमि विवाद को वजह बताते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच एसआई विजय प्रताप यादव को सौंपी गई थी।
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एसपी को दे डाला था धमकी

जनवरी 2021 में एसपी, थानाध्यक्ष व सहकर्मियों को अपशब्द कहने, सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता के आरोप में कप्तानगंज थाने में तैनात सिपाही दिग्विजय राय को बर्खास्त किया गया था। उसने सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया था। बाद में पुलिस लाइंस में हंगामा और तोड़फोड़ करने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया था।

घर में पकड़ा गया सिपाही
जनवरी 2018 में चाय पीने गया मुंडेरवा थाना क्षेत्र में तैनात सिपाही मौका पाकर दुकानदार के घर में घुसकर उसकी नाबालिग बेटी से अश्लील हरकतें करने लगा। बच्ची ने जब सिपाही का विरोध किया तो उसने उसे जान से मारने की धमकी दी। बाद में परिवार वालों ने उसे पकड़कर थाने पर सूचना दी। मुकदमा दर्ज कर उस पर कार्रवाई की गई।

वायरल हुआ था ऑडियो
अप्रैल 2018 में दुबौलिया थाने के एसआई को विवेचना में लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हुआ था। आरोपी के चाचा ने एसपी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि विवेचक की ओर से उनसे घूस मांगा जा रहा है। न देने पर उन्हें भी मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उसने एसपी को ऑडियो भी सुनाया, जिसमें एसआई उनसे रकम की मांग करते सुना गया। सीओ की जांच में पुष्टि होने के बाद दारोगा को निलंबित किया गया।
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