एलआईसी का फर्जी बांड बनाकर उसके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने के आरोपित लोलार्कनाथ मिश्रा को कैंट पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे साल भर से तलाश रही थी। पुलिस ने उसके ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक, उसने कई लोगों से एलआईसी की पॉलिसी के लिए रकम ली और फिर उन्हें फर्जी बांड बनाकर दे दिया था। तीन लोगों के सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि 23 मार्च 2019 को सिंघिड़िया निवासी उमाशंकर दुबे ने एलआईसी का फर्जी ब्रांड देकर जालसाजी करने के आरोप में झंगहा के गजाईकोल निवासी लोलार्कनाथ मिश्रा पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो उसी बीच तीन अप्रैल 2019 को विशुनपुरवा निवासी राजेश्वर पाठक ने भी केस दर्ज कराया।
इसके बाद पुलिस के सामने कई और लोग भी आए, जिन्होंने आरोपित की इसी तरह की शिकायत की। पुलिस आरोपित की तलाश में थी। इसी बीच सोमवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि आरोपित कार्मल रोड पर मौजूद है और बस पकड़कर कहीं भागने वाला है। सूचना पर दरोगा अजित प्रताप चतुर्वेदी, संतोष कुमार सिंह टीम के साथ पहुंच गए और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर रवि राय ने बताया कि आरोपित पर पांच हजार रुपये का इनाम था।
उमाशंकर से एक और राजेश्वर से दो लाख रुपये हड़पे थे
पुलिस की जांच में सामने आया कि उमाशंकर से आरोपित ने एक लाख रुपये और उनके परिचित राजेश्वर से दो लाख एलआईसी की पॉलिसी के नाम पर वसूले थे। इन दोनों को तब पता चला कि जब एलआईसी की किस्त लेने वह नहीं आया। फिर लोग खुद किस्त देने एलआईसी दफ्तर पहुंच गए। फ्राड होने की जानकारी होने पर पीड़ितों ने केस दर्ज कराया था।
कई और लोगों से भी की है धोखाधड़ी
पुलिस का दावा है कि आरोपित ने कई लोगों से जालसाजी की है। हालांकि केस दर्ज कराने केवल दो ही लोग सामने आए। अब आरोपित के पकड़े जाने के बाद पूछताछ के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।