जलकल बिल्डिंग से लेकर गणेश चौराहे तक तीन ब्लास्ट हुए थे। पहला ब्लास्ट जलकल बिल्डिंग के पास हुआ था, फिर बलदेवा प्लाजा के बाद धमाका हुआ था। तीसरा ब्लास्ट गणेश चौराहे के पास हुआ था।
नवागत थे एसएसपी, दूसरे धमाके के बाद मच गई थी भगदड़
22 मई 2007 की शाम सात बजे के आसपास पहला धमाका हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, मगर इसी बीच दूसरा धमाका हो गया। इसके बाद भगदड़ मच गई। पुलिस लोगों को नियंत्रित कर पाती की गणेश चौराहा के पास तीसरा धमाका हो गया, जिसमें करीब आठ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।
इस घटना के तीन-चार दिन पहले ही एसएसपी आरके राय ने चार्ज लिया था। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि शहर को कैसे नियंत्रित किया जाए? बाद में रिटायर पुलिस वालों और मीडिया की मदद से उन्होंने शहर में फैली अफवाह को शांत कराकर अमन चैन बहाल किया था।
तीसरे दिन शहर में थे डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह
सीरियल ब्लास्ट के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठा तो तीसरे दिन ही तत्कालीन डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह दौरे पर गोरखपुर पहुंच गए थे। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंप दी गई थी। दो बड़े अफसरों के दौरे के बाद ही अफवाहों पर भी विराम लग गया था।