बता दें कि बेलघाट इलाके के पिपरसंड़ी गांव की मूल निवासी किशोरी देवी ने रामगढ़ताल पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने फौजी पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रामगढ़ताल इलाके के फुलवरिया में रहती है। छह अगस्त की अपराह्न दो से तीन बजे के बीच उसका बेटा सर्वेश सिंह उर्फ राज सिंह घर में मौजूद था। इस दौरान मैरून रंग की बोलेरो में सवार तीन चार लोग पहुंचे। दरवाजा खुलवाया और बेटे को बाहर बुलवाया।
बेटे के बाहर आते ही उन्होंने 9335578353 बताकर पूछा कि क्या यह उसका नंबर है। बेटे के हां कहते ही उक्त लोग उसे पीटने लगे और तमंचा सटाकर उसे जबरन बोलेरो में बैठाकर लेकर कहीं चले गए। किशोरी देवी थाने गई जहां उसके साथ पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। इसके पूर्व महिला ने स्थानीय चौकी प्रभारी को भी तहरीर दी थी।
महिला ने यह भी बताया कि उसके बेटे के खिलाफ सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली में पूर्व में एक हत्या का केस दर्ज था। इसमें उसे जमानत मिली थी और वह लॉकडाउन के पूर्व से ही घर पर ही रह रहा था। रामगढ़ताल प्रभारी सत्य सान्याल शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। बिहार पुलिस आई थी।