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यूपी: अपहृत छात्र की हत्या कर फेंकी गई लाश, बदमाशों ने मांगी थी एक करोड़ की फिरौती

Mon, 27 Jul 2020 05:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मृतक छात्र बलराम गुप्ता। फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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यूपी में अपराध बेकाबू होने के आरोपों का विपक्ष का स्वर अभी मंद भी नहीं पड़ा था कि रविवार रात बदमाशों ने ‘छोटी राजधानी’ में एक पान कारोबारी के 12 वर्षीय इकलौते पुत्र की अपहरण के बाद हत्या कर दी। अपहर्ताओं ने बच्चे की सकुशल वापसी के लिए एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। 

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बच्चे का शव सोमवार शाम घर से करीब सात किलोमीटर दूर नाले में फेंके गए एक बोरे में मिला। शुरूआती जांच में माना जा रहा है कि जहरीला इंजेक्शन देकर रविवार को ही बच्चे को मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने अपहरण और हत्या के संदेह में एक महिला समेत चार लोगों को उठाया है। इन्हीं में से एक की निशानदेही पर ही पुलिस ने शव बरामद किया था। पुलिस का दावा है कि वह कातिलों के काफी करीब है।

पुलिस के मुताबिक, वारदात का शिकार किशोर बलराम गुप्ता (12) जंगल छत्रधारी के मिश्रौलिया टोला का रहने वाला था। उसके पिता महाजन गुप्ता घर में ही पान की दुकान चलाते हैं। जमीन का भी कारोबार करते हैं। चार बहनों का इकलौता भाई बलराम, रविवार दोपहर 12 बजे खाना खाने के बाद दोस्तों के साथ खेलने की बात कहकर घर से निकला था। 
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उसके बाद नहीं लौटा। दोपहर में तीन बजे के करीब एक अंजान नंबर से महाजन गुप्ता के पास फोन आया। फोन करने वाले ने उनसे कहा कि तुम्हारे बेटे बलराम का अपहरण कर लिया गया है। साथ ही धमकाया कि एक करोड़ रुपये की फिरौती नहीं मिली तो बच्चे को कत्ल कर दिया जाएगा। महाजन ने जैसे-तैसे खुद को संभाला और रुपये का इंतजाम करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद अपहर्ता का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। हालांकि दस-दस मिनट के अंतराल पर उसका मोबाइल ऑन होता और धमकी भरा फोन आता था।




 

एक करोड़ की फिरौती देने की माली हालत न होने की वजह से घरवालों को फोन करने वाले की बात पर भरोसा नहीं हुआ। शायद किसी ने मजाक किया हो, ये सोचकर वे बलराम को गांव में तलाश करने लगे। पता नहीं चलने पर शाम पांच बजे के करीब पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। 

इसके बाद एसएसपी ने स्थानीय पुलिस, क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ को भी जांच में लगाया। मोबाइल फोन नंबर के आधार पर पुलिस ने एक सिम कार्ड विक्रेता, एक मीट विक्रेता समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। देर रात तक पुलिस पूछताछ करती रही, मगर हाथ कुछ नहीं लगा। सोमवार को पुलिस ने एक और शख्स को उठाया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को बलराम की हत्या करके शव बोरे में भरकर फेंके जाने की दिल दहला देने वाली जानकारी मिली।

हत्या की वजह स्पष्ट नहीं
यह घटना फिरौती के लिए पेशेवर अपहर्ताओं ने की यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही। दरअसल, महाजन गुप्ता की माली हालत इस लायक है ही नहीं कि वे फिरौती के लिए एक करोड़ रुपये दे पाते। हां, उन्होंने हाल ही 35 लाख रुपये की जमीन बेची थी, कुल यही रुपये उनके पास थे। फिर, उनके बच्चे को अगवा करके क्यों मार डाला गया, पुलिस यह रहस्य भेदने में लगी है। पुलिस वारदात के पीछे आपसी रंजिश या लेनदेन की वजहों को भी पड़ताल रही है। 

वजह कुछ भी हो अपहरण के बाद हत्या तो हुई ही है और पुलिस को न केवल इसकी असल वजह तलाशनी है, बल्कि उस पर जल्द से जल्द कातिलों को भी पकड़ने का दबाव है। सीएम योगी के गृहक्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज घटना के चलते विपक्ष को एक बार फिर हमलावर होने का एक बड़ा मौका मिल गया है।
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बेटे की हत्या क्यों हुई, यह मुझे भी समझ में नहीं आ रहा है। मेरे पास एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए फोन आया था। एक करोड़ रुपये देने की मेरी हैसियत भी नहीं है। जिन लोगों के बारे में पुलिस ने मुझे जानकारी दी है उनमें से एक मेरे गांव का है, जबकि अन्य आसपास के गांव के रहने वाले हैं। मेरी उनसे किसी तरह की कोई दुश्मनी नहीं थी। मेरी मुख्यमंत्री से मांग है कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। - महाजन गुप्ता, पिता

अपहृत किशोर का शव बरामद हुआ है। पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी

वहीं, मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में अपहृत बालक की मृत्यु की घटना में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ एनएसए लगाए जाने पर विचार करने तथा प्रकरण में पुलिस की जवाबदेही निर्धारित करने के भी निर्देश दिए हैं।
 

सीएम योगी ने कहा है कि गोरखपुर में अपहृत बालक की मृत्यु के प्रकरण की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।

पिपराइच मामले में एसएसपी ने लापरवाही पाते हुए हल्का दरोगा दिग्विजय सिंह हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह और सुरेंद्र तिवारी को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया है
 
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