पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में महराजगंज के दो व्यापारियों से 30 लाख की लूटपाट में लिप्त पाए जाने पर जेल भेजे गए चारों पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच के क्रम में सबसे पहले मास्टरमाइंड व निलंबित दरोगा से उसका पक्ष लिया जाएगा। जांच में अधिकारी के माध्यम से पूछा जाएगा कि ऐसा करने के पीछे उसकी सोच क्या थी और अनुशासन वाले महकमे का कर्मी होने के बावजूद किन परिस्थितियों में कलंक लगाने वाला कृत्य किया?
साथ ही तीन अन्य पुलिस कर्मियों को इसके लिए उसी ने उकसाया, या इनमें से असली जिम्मेदार कोई और है, इसकी भी जानकारी जांच में लिए जाने की संभावना है। एएसपी रवींद्र कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार यानी आज इसके लिए गोरखपुर कारागार जाकर आरोपी का बयान लेंगे। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि एएसपी के साथ सीओ रुधौली शक्ति सिंह को चारों के ड्यूटी पर होने या न होने के बारे में अलग से जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
वर्दी पहनकर गोरखपुर में दो स्वर्ण व्यवसायियों से लूटपाट में लिप्त पाए गए चारों पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस इसमें हड़बड़ी करने के मूड में नहीं दिखती।
अधिकारियों का कहना है कि पुख्ता साक्ष्य और विभागीय प्रक्रिया को पूरी करके सेवाच्युत किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रकरण की दो स्तरीय जांच कराई जा रही है। चारों के खिलाफ सारे साक्ष्य और बयान संकलित किए जा रहे हैं। आईजी एके राय ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों को बर्खास्त किया जाएगा।