जांच में पता चला है कि बंधे के किनारे चारों ने करीब ढाई घंटे तक शराब पी। यही नहीं, शराब खत्म होने पर उनका दोस्त शराब लेकर दोबारा आया था और वह पेट खराब होने की बात कहते हुए कई बार नदी के किनारे भी गया था। मुकेश की मानें तो उसी ने एक साजिश के तहत बदमाशों को बुलाया था।
मुकेश ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या चार से पांच की थी। वे अचानक सामने आ गए और किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। असलहों से लैस बदमाशों ने दिवाकर और कृष्णा पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुकेश ने कहा कि वह खुद उनसे जान बचाकर वहां से भागा था।
फिलहाल मुकेश के भागने की पुष्टि तो चरवाहे भी कर रहे थे। हालांकि पुलिस को मुकेश की इस कहानी पर ज्यादा यकीन नहीं हो रहा है क्योंकि यदि बदमाश ताबड़तोड़ फायरिंग करते तो गोली किसी और को भी लग सकती थी जबकि ऐसा नहीं हुआ है। एसएसपी सुनील गुप्ता ने बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।