गोरखपुर जिले के खजनी इलाके के मिश्रौलिया गांव में गोली से घायल पूर्व प्रधान व प्रत्याशी राघवेंद्र नारायण उर्फ गिलगिल दुबे की सोमवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। राघवेंद्र को मतदान से एक दिन पहले यानी 14 अप्रैल को गांव के बाहर गोली मारी गई थी। गोली पेट में लगी थी।
लखनऊ के केजीएमएयू में दो ऑपरेशन किए गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। इस मामले में पुलिस ने निवर्तमान प्रधान शंभू यादव के खिलाफ नामजद केस दर्ज करके जेल भेज दिया था। उधर, मौत की खबर मिलने के बाद गांव में तनाव बढ़ गया है। खबर है कि गांव में गई पुलिस को ग्रामीणों ने खदेड़ लिया। एहतियातन फोर्स बढ़ाई गई है। गांव के आसपास पुलिस मुस्तैद कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल की रात में मिश्रौलिया गांव निवासी प्रधान पद प्रत्याशी व पूर्व प्रधान राघवेंद्र किसी परिचित के यहां से लौट रहे थे, तभी गांव के बाहर विपक्षी प्रत्याशी शंभू यादव से उनका विवाद हो गया। आरोप था कि इसी विवाद में शंभू ने समर्थकों के साथ मिलकर राघवेंद्र पर हमला कर दिया और गोली मार दी थी। गोली पेट में फंसी होने की वजह से मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने राघवेंद्र को लखनऊ रेफर कर दिया था। राघवेंद्र का शव लखनऊ से गोरखपुर उनके गांव लाया जा रहा है।