बुधवार शाम क्रियाकर्म की औपचारिकता की जानी थी। घर पर दूध का भात लगा था। इसमें राम सिपाही के बड़े भाई गामा यादव का परिवार भी शामिल हुआ था। दोर रात बादामी देवी, देवर राजपति के साथ पत्तल लेकर घर से बाहर निकलीं।
आरोप है कि इसी दौरान भसुर और उनके बेटों ने हमला कर दिया और गड़ासी से गला काटकर बादामी देवी को मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी क्राइम अशोक वर्मा, सीओ चौरी चौरा रचना मिश्रा और थानेदार सूर्यभान सिंह, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
देवर को संपत्ति न दे दें, इसी आशंका में की हत्या
घटना के पीछे संपत्ति वजह बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक बादामी देवी अपने छोटे देवर राजपति के साथ रहती थीं। इससे भसुर गामा यादव नाराज था। भसुर को आशंका थी कि बादामी देवी सारी संपत्ति छोटे भाई राजपति को दे देंगी। इसी खुन्नस में उसने बादामी देवी की हत्या कर दी। पुलिस मामले का मास्टर माइंड गामा यादव व उसके परिजनों को मान रही है। जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
राम सिपाही यादव की मौत के बाद बड़े भाई गामा यादव का पूरा परिवार हर कर्म में शामिल हुआ। मौत के बाद घाट पर शव ले जाने, घर पर आने पर घंट बंधवाने के साथ बुधवार शाम को दूध के भात में वह बढ़-चढ़ कर शामिल हुए। ग्रामीण हतप्रभ हैं कि अचानक क्या हुआ कि पति की मौत के गम में डूबी बादामी देवी की हत्या कर दी।
एसएसपी जोगिंदर कुमार ने बताया कि हत्या की खबर पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी कर ली गई है। पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।