गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के बनगांवा गांव में हुई वारदात के मामले में पुलिस ने अब लूट की धारा में केस दर्ज कर लिया है। इसके पहले पुलिस ने एक साथ हुई दो में से एक वारदात में चोरी का केस दर्ज किया था। पुलिस शुरू से ही दोनों वारदात को लूट नहीं, चोरी का मामला ही बता रही थी। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में तथ्यों के हवाले से लूट की घटना को चोरी बताने पर सवाल उठाया था। एसपी नार्थ अरविंद पांडेय फोरेंसिक टीम के साथ गुरुवार को मौके पर पहुंचे, बाद में उनके निर्देश पर दूसरे घर में हुई वारदात की तहरीर पर लूट की धारा में केस दर्ज किया गया।
जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार की रात में लुटेरों ने सेवानिवृत्त दरोगा परमात्मा सिंह और कानूनगो अमित सिंह के घर में लूटपाट की थी। इस दौरान दोनों ही परिवार के लोगों को कमरे में बंद कर दिया गया था। दूसरे घर में पहुंचे बदमाशों ने तीन साल के बच्चे को पिस्टल सटाकर मां को डरा दिया, ताकि वह शोर ना मचा सकें।
दोनों घरों से नकदी और जेवरात समेत दस लाख रुपये का सामान बदमाश ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में चोरी का केस दर्ज किया था। गुरुवार को अफसर मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। एसपी नार्थ ने बताया कि पुलिस टीम लगी है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
चोरी बताकर पुलिस ने मामले का किया था अल्पीकरण
पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर पूरे मामले के अल्पीकरण की कोशिश की थी, लेकिन अफसरों के पहुंचने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। अफसरों के निर्देश पर पुलिस अब लूट का केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।