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नवजात हत्याकांड का खुलासा, मां ही निकली कातिल, आरोपी विभाष्म सिंह के साथ मिलकर घटना को दिया था अंजाम

Mon, 24 Feb 2020 10:36 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • आरोपित विभाष्म सिंह पर हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो सहित कई धारा बढ़ाई गई, तलाश में पुलिस
  • हत्या आरोपित नाबालिग मां को बालिका संरक्षण गृह, साक्ष्य छिपाने की आरोपित उसकी माता को जेल भेजा गया
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आरोपी विभाष्म सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीपीगंज इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे मां बनाने, नवजात की हत्या करने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर रविवार को नाबालिग मां को बालिका संरक्षण गृह और उसकी मां को जेल भेजा दिया। वहीं, दुष्कर्म और हत्या के आरोपित विभाष्म सिंह की तलाश जारी है। वह घर छोड़कर फरार है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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पुलिस को दिए गए बयान में नाबालिग मां ने बताया कि विभाष्म सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर मां बनने पर इज्जत का हवाला देते हुए नवजात के हत्या करने की साजिश रची। जन्म के अगले ही दिन विभाष्म और उसने मिलकर नवजात की हत्या कर दी थी। नवजात के शव को नाबालिग मां की माता ने झाड़ियों के पीछे छिपा दिया था।इस मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह अपने तरह का पहला मामला है, जब नवजात के फेंके जाने और उसकी जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

पुलिस के मुताबिक नाबालिग मां की बड़ी बहन की शादी में आरोपित विभाष्म सिंह के चाचा ने आर्थिक मदद की थी। इसके बाद ही मजबूरन नाबालिग उनके घर काम करने जाने लगी। इसका फायदा उठाते हुए विभाष्म सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर किसी को बात ना बताने पर जान से मारने की घुड़की भी दी। यह सिलसिला आगे बढ़ने लगा। नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी उसकी मां को मिली तो उसने बेटी से पूछा था कि किसका बच्चा है।

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गंभीर धाराओं में केस दर्ज

इसपर नाबालिग ने  विभाष्म का नाम लिया था। इसके बाद नाबालिग के घरवालों ने  विभाष्म के परिवार से संपर्क करके गर्भपात कराने का दबाव डाला, लेकिन सब दवा कराने की बात कहते हुए मामले को टालते रहे। इसी बीच नाबालिग ने  बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद नाबालिग की इज्जत का वास्ता देते हुए हत्या की साजिश रची गई। नाबालिग मां की मदद से  विभाष्म ने नवजात को मौत के घाट उतार दिया था, फिर इज्जत के फेर में फंसी नाबालिग की मां भी चुप हो गई और उसने ही बच्ची के शव को ले जाकर छिपा दिया था।

इस प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी  विभाष्म के अलावा नाबालिग मां और उसकी माता को बनाया है। नाबालिग मां हत्या, साक्ष्य और पैदाइश छिपाने की धारा में केस दर्ज किया गया है। नाबालिग मां की माता पर आपराधिक साजिश की धारा लगाई गई है। मुकदमे में  विभाष्म सिंह का नाम शामिल करते हुए दुष्कर्म, पॉक्सो, हत्या कर साक्ष्य छिपाने, धमकी देने, पैदाइश छिपाने, आपराधिक साजिश की धारा बढ़ाई गई है। पूछताछ में पता चला कि हत्या के बाद किशोरी की मां ने ही शव को छिपाया था। इस आधार पर किशोरी की मां पर साक्ष्य छिपाने की धारा लगाई गई है।
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यह हुआ था

31 जनवरी को पीपीगंज इलाके के एक गांव में नवजात बच्ची की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार फरवरी को पीपीगंज थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच फिर कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह के हवाले कर दी गई थी। शुरू में ही पुलिस मामले में टालमटोल कर रही थी मगर फिर अमर उजाला ने प्रमुखता से मुद्दा उठाया तो डीआईजी राजेश डी मोदक और एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने हस्तक्षेप कर मामले में कार्रवाई का आदेश दिया। इस आदेश के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लापता किशोरी को खोज निकाला। उसके सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

पुलिस को मामले के पर्दाफाश की जिम्मेदारी दी गई थी।  घटना का पर्दाफाश करके पुलिस ने अच्छा काम किया है। मामले में नाबालिग मां और उसकी माता कानून के शिकंजे में हैं। फरार आरोपित की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। मामले का सफल अनावरण करने वाले एसओ कैंपियरगंज और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
राजेश डी मोदक, डीआईजी
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