गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के पचपेड़वा में रविवार की सुबह करीब 9:15 बजे एलआईसी में विकास अधिकारी सुरेंद्र के बड़े पुत्र आकाश निलय (26) की घर में ही गोली लगने से मौत हो गई। घरवाले मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे तब पुलिस को इसकी जानकारी हो पाई। आकाश बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। परिवार वालों ने रिवाल्वर साफ करने के दौरान गोली लगने की बात बताई लेकिन गोली कनपटी पर रिवाल्वर सटने के बाद निकली है, इससे पुलिस खुदकुशी मानकर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामजानकी नगर, पचपेड़वा मोहल्ला निवासी सुरेंद्र प्रसाद एलआईसी में विकास अधिकारी हैं। उनके दो बेटों में बड़े आकाश निलय को रविवार की सुबह गोली लगी। घर में गोली चलने की आवाज सुनकर छोटा भाई अक्षय निलय उस ओर दौड़ पड़ा। घटना के समय सुरेंद्र पत्नी की दवा लेने के लिए गोरखनाथ गए थे।
फोन पर बेटे को गोली लगने की बात सुनते ही वह घर पहुंच गए और बेटे को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने इसकी जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह, इंस्पेक्टर रामज्ञा सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। मौत की पुष्टि होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम कराने के बाद पता चला है कि आकाश के दाहिने कनपटी पर सटाकर गोली चली है और फिर बाएं कनपटी से बाहर हो गई है।
घटना के बाद भी पुलिस को पिता ने साफ-साफ कुछ नहीं बताया है। पुलिस को बताया गया है कि लाइसेंसी रिवाल्वर को आकाश साफ कर रहा था और इस दौरान हादसा हो गया। जबकि डॉक्टर से बातचीत के बाद ही पुलिस को इस बात पर संदेह हो गया था। इस वजह से पुलिस ने आत्महत्या की वजह पूछी मगर कोई जवाब नहीं मिला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक का छोटा भाई शाहजहांपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात सामने आई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर काम कर रही है। जांच के बाद ही असल बात सामने आएगी। घरवालों ने हादसे की बात कही थी।