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गोरखपुर: इनामी भू-माफिया ओम प्रकाश व संजय पर एक और केस, फिर भी नहीं हो पा रही गिरफ्तारी

Tue, 30 Nov 2021 12:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कैंट पुलिस ने जालसाजी व विश्वास के आपराधिक हनन का मामला दर्ज किया, अब तक 23 मुकदमे दर्ज हो चुके, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।
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भू-माफिया ओम प्रकाश। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के भू-माफिया व 25 हजार रुपये के इनामी ओम प्रकाश पांडेय और संजय पांडेय के खिलाफ रविवार की देर शाम कैंट थाने में जालसाजी व विश्वास का आपराधिक हनन का एक और मुकदमा दर्ज किया गया। ओम प्रकाश पर अब तक 23 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 19 जमीनों की जालसाजी से जुड़े हैं।

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जानकारी के मुताबिक नंदानगर के चंद्रभूषण गुप्ता ने कैंट पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि मोहद्दीपुर चार फाटक रोड निवासी ओम प्रकाश पांडेय व संजय पांडेय से परिवार के सात सदस्यों ने जमीन खरीदी है। छह की रजिस्ट्री हुई है। एक का एग्रीमेंट कराया गया है। ओम प्रकाश ने महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो की 12800 वर्ग फीट और 1189 वर्ग फीट जमीन दिखाई और दो लाख रुपये में एग्रीमेंट कराया।

इसका भुगतान चेक से किया गया। इसके बाद अलग-अलग समय पर सात लाख 90 हजार रुपये का भुगतान किया गया। जब रजिस्ट्री करने की बात कही गई तो दोनों आनाकानी करने लगे। बाद में जालसाजी की जानकारी हुई। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। तहरीर के आधार पर ही कैंट पुलिस ने केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
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चार महीने में 16 केस दर्ज

ओम प्रकाश पर चार महीने में जालसाजी के 16 केस दर्ज हुए हैं। 30 अगस्त को पूर्व नौ सैनिक मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। इसी तरह कुशीनगर की दुर्गावती, रमेश मिश्रा, किरन राय, अलका पांडेय, मंजू व मीरा ने मुकदमा दर्ज कराया था।

सीएम तक पहुंची थी ओमप्रकाश की जालसाजी
यह वही ओम प्रकाश पांडेय है, जिसकी शिकायत पांच अगस्त 2021 को एक महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दरबार में की थी। तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि गोरखपुर में अब भी भू-माफिया बचे हैं क्या? इसके बाद ही ओम प्रकाश के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई। इनाम घोषित किया गया, लेकिन मामला जस का तस है। आगे कोई प्रगति नहीं है।

ओम प्रकाश को कौन बचा रहा, बड़ा सवाल
आश्चर्य करने वाली वाली बात यह है कि जो मामला मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंचा था, उसमें भी पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकी। कई गंभीर मुकदमों में नामजद व इनामी ओम प्रकाश अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है। अब उसे कौन बचा रहा है, यह बड़ा सवाल है? गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम भी बनी थी, लेकिन वह क्या कर रही है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। एक बार ओम प्रकाश की लोकेशन राजस्थान मिली थी। भू-माफिया पर पहला केस 2018 में दर्ज हुआ था।

एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि ओम प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।


 
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