कोरोना संक्रमण की वजह से क्रिकेट खिलाड़ी बिना ट्रायल दिए ही ओवरएज हो गए हैं। पिछले एक साल से लगातार कोरोना वायरस का कहर जारी है। खिलाड़ियों के अभ्यास पर संक्रमण के मामलों ने बुरा असर डाला है।
गोरखपुर मंडल में हर साल अलग-अलग आयु वर्ग के 2000 से अधिक खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। जिसमें से अकेले गोरखपुर जिले में 1000 से अधिक खिलाड़ी शुमार हैं। खिलाड़ियों ने बीते साल 2020 में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) में ट्रायल के लिए पंजीकरण कराए थे। परंतु कोरोना संक्रमण के कारण बीते साल में क्रिकेट का ट्रायल ही नहीं हुआ। इससे खिलाड़ी ट्रायल नहीं दे पाए और उनके सामने उम्र की समस्या खड़ी हो गई है।
ऐसे में खिलाड़ियों को बोर्ड से काफी उम्मीदें हैं कि हर वर्ग के खिलाड़ी को ट्रायल के लिए आयु में छूट दी जाए। गोरखपुर मंडल में अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 के लिए 2000 से अधिक खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। ऐसे खिलाड़ियों की संख्या 1000 होगी जो अब नियमों के मुताबिक ट्रायल के लिहाज से ओवरएज हो चुके हैं।