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क्रिकेट: मैदान पर नहीं हुआ अभ्यास, घर बैठे ओवरएज हो गए खिलाड़ी

Mon, 14 Jun 2021 12:53 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

बीसीसीआई से उम्र में छूट देने की खिलाड़ियों ने उठाई मांग
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की वजह से क्रिकेट खिलाड़ी बिना ट्रायल दिए ही ओवरएज हो गए हैं। पिछले एक साल से लगातार कोरोना वायरस का कहर जारी है। खिलाड़ियों के अभ्यास पर संक्रमण के मामलों ने बुरा असर डाला है।
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गोरखपुर मंडल में हर साल अलग-अलग आयु वर्ग के 2000 से अधिक खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। जिसमें से अकेले गोरखपुर जिले में 1000 से अधिक खिलाड़ी शुमार हैं। खिलाड़ियों ने बीते साल 2020 में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) में ट्रायल के लिए पंजीकरण कराए थे। परंतु कोरोना संक्रमण के कारण बीते साल में क्रिकेट का ट्रायल ही नहीं हुआ। इससे खिलाड़ी ट्रायल नहीं दे पाए और उनके सामने उम्र की समस्या खड़ी हो गई है। 

ऐसे में खिलाड़ियों को बोर्ड से काफी उम्मीदें हैं कि हर वर्ग के खिलाड़ी को ट्रायल के लिए आयु में छूट दी जाए। गोरखपुर मंडल में अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 के लिए 2000 से अधिक खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। ऐसे खिलाड़ियों की संख्या 1000 होगी जो अब नियमों के मुताबिक ट्रायल के लिहाज से ओवरएज हो चुके हैं।
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खिलाड़ी चक्रधर द्विवेदी ने बताया कि पहला साल बर्बाद हो गया। दूसरा कगार पर है। कोरोना की वजह से काफी वक्त खराब हो गया है। मैं अंडर-16 वर्ग का खिलाड़ी हूं, लेकिन ट्रायल आयोजित नहीं किए गए। जिसकी वजह से ओवरएज हो गया हूं।
 
क्रिकेट खिलाड़ी शुभम पांडेय ने बताया कि पिछले साल अंडर-16 ट्रायल के लिए फॉर्म भरा था। लेकिन कोरोना की वजह से ट्रायल आयोजित नहीं किए गए। ऐसे में बीसीसीआई एक साल उम्र बढ़ाकर खिलाड़ियों को प्रदर्शन का मौका दे।
 
क्रिकेट खिलाड़ी आयुष पांडेय ने बताया कि कोरोना की वजह से क्रिकेट की गतिविधियां ठप हो गई हैं। जिसकी वजह से अभ्यास नहीं हो पा रहा है और न ही क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। ऐसे में बिना ट्रायल के ही ओवरएज हो गए।

लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी के कोच अरविंद मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर जिले से एक हजार से अधिक और पूरे मंडल से दो हजार से अधिक खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। लेकिन कोरोना के कारण ट्रायल न होने की वजह से खिलाड़ी ओवरएज हो गए हैं। ऐसे में बीसीसीआई को खिलाड़ियों के हित के लिए उनकी उम्र में कुछ छूट देनी चाहिए।
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