स्वदेशी तकनीक से विकसित भारतीय रेल की सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन को गोरखपुर से चलाने की तैयारी रेल प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसके लिए न्यू वाशिंग पिट में अलग से एक कवर शेड बनाया जाएगा, साथ ही ट्रेन को वहां तक पहुंचाने के लिए रेल ट्रैक का विद्युतीकरण भी होगा। इस कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
पिछले दिनों चंडीगढ़ में देश की तीसरी वंदे भारत ट्रेन को ट्रायल के लिए ले जाया गया। रेलवे की योजना दो वर्ष में 400 वंदे भारत ट्रेन चलाने की है। गोरखपुर से दिल्ली के लिए एक ट्रेन मिल सकती है। इसका प्रस्ताव भी पूर्व में भेजा जा चुका है। अब पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी शुरू की है। ताकि वंदे भारत ट्रेन के मेंटेनेंस व धुलाई में दिक्कत न आने पाए।
योजना के मुताबिक चार फाटक गेट की ओर बने न्यू वाशिंग पिट में एक अलग से शेड बनेगा, जो पूरी तरह से ढका रहेगा। बारिश होने पर भी मेंटेनेंस या धुलाई में दिक्कत नहीं आएगी।
130 की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस गोरखपुर से दिल्ली के बीच करीब 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इसके लिए छपरा से बाराबंकी तक ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम से ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं, ट्रैक को भी दुरुस्त किया जा रहा है। वर्तमान में समय में इस रूट पर अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटे है।
16 कोच की है ट्रेन
यह ट्रेन इंजन नहीं बल्कि स्वचालित मोटरों की सहायता से चलती है। 16 कोच वाली इस ट्रेन के पांच कोच में मोटर लगी होती है।