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फर्जी वारंट जारी कर बेगुनाहों को बुलाया कोर्ट, कचहरी में फर्जी गिरोह के सक्रिय होने की आशंका

Tue, 13 Oct 2020 04:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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फर्जी वारंट जारी कर बेगुनाह लोगों को कोर्ट में तलब करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार जालसाजी करने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि कोई गिरोह है, जो कचहरी में इस तरह की जालसाजी कर रहा है।

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मामले का पर्दाफाश तब हुआ, जब तीन पीड़ितों ने जनपद न्यायाधीश को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। जनपद न्यायाधीश ने मामले की जांच कराई तो फर्जी वारंट जारी होने की शिकायत सही मिली। इसके बाद सिविल जज सीनियर के फौजदारी लिपिक ने कैंट थाने में तहरीर दी।
 
जानकारी के मुताबिक, बहराइच निवासी कुलेराज, परमजीत और विजयभान को 17 अगस्त 2020 को वारंट मिला था। तीनों ने जनपद न्यायाधीश को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की कि गोरखपुर जिले के सहजनवां थाने में दर्ज लूट व मारपीट मामले में फर्जी वारंट जारी कर उन्हें कोर्ट में तलब किया गया था, जबकि उनके खिलाफ ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है।
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जनपद न्यायाधीश ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि कचहरी परिसर में फर्जी वारंट जारी कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। 25 सितंबर को प्रशासनिक न्यायाधीश ने सिविल जज सीनियर डीविजन के फौजदारी लिपिक को नोटिस जारी कर संबंधित पत्रावली के बारे में आख्या तलब की थी।
 
जांच में पता चला कि सहजनवां थाने में बहराइच के रहने वाले कुलेराज, उमाकांत, गुड्डू, परमजीत एवं विजयभान के खिलाफ उक्त मुकदमा लंबित नहीं है। जालसाज ने फर्जी वारंट तामिल कराने के लिए एसपी बहराइच को पत्र भी लिखा था।

फौजदारी लिपिक ओमप्रकाश सिंह की रिपोर्ट पर जनपद न्यायाधीश ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके जालसाजी करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इंस्पेक्टर कैंट मनोज राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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