बस्ती में दुष्कर्म के मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विनय कुमार जायसवाल की अदालत ने गौर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने आदेश दिया है। इस मामले में पीड़िता की ओर से एसपी और स्थानीय पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
घटना छह दिसंबर-2020 की रात की है। गौर थानाक्षेत्र के एक गांव की एक महिला का आरोप है कि पति व बच्चे रोजी-रोटी के सिलसिले में गैर प्रांत में रहते हैं। वह घर पर अकेली रहती है। गांव के ही एक व्यक्ति से पुरानी रंजिश है।
घटना की रात करीब दस बजे विपक्षी तीन लोगों के साथ घर में घुस आया। उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए तीनों ने घेर लिया। इसमें से एक ने उसके साथ अश्लील हरकत की और दुष्कर्म किया।
शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए, तब जाकर वह चंगुल से छूटी। अगले दिन इसकी सूचना गौर पुलिस और बाद में एसपी को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर अदालत ने कहा कि पीड़िता के कथन के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जाना आवश्यक है। अदालत ने थानाध्यक्ष गौर को आदेशित किया कि वह प्रकरण में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना करें। आदेश का अनुपालन कर सात दिन के अंदर न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।