गोरखपुर। बदलते मौसम में लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। एक बार बुखार होने पर सप्ताह भर से लेकर 15 दिन बाद तक लोग परेशानी झेल रहे हैं। गले में संक्रमण की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। लोगों को गले में खराश, निगलने में दिक्कत, खांसी, जुकाम, सांस संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एम्स में बृहस्पतिवार को 560 वायरल से पीड़ित मरीज पहुंचे।
लंबे समय तक बुखार के साथ ठंड लगने के कारण कई मरीज मलेरिया के लक्षण भी महसूस कर रहे हैं। हालांकि जांच में वायरल फीवर आ रहा है। ऐसे में एंटीबॉयोटिक दवाओं पर लोगों की निर्भरता ज्यादा बढ़ रही है। एम्स, जिला अस्पताल सहित निजी अस्पताल में वायरल फीवर और संक्रमण के कारण मरीजों की सुबह से ही भीड़ हो रही है।
एम्स के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि ओपीडी में 20 से 30 प्रतिशत मरीज इसी तरह की समस्याओं के साथ आ रहे हैं। इनमें कई मरीजों को 15 दिनों तक बुखार बना रह रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुखार के दौरान गले में हो रहे संक्रमण से है। लंबे समय तक खांसी के कारण लोगों को निगलने में दिक्कत हो रही है। गंभीर स्थिति होने पर लोगों को भर्ती भी किया जा रहा है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने, भीड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोना और सही खानपान का ध्यान की सलाह दी जा रही है।
जिला अस्पताल के डॉ. बीके सुमन ने बताया कि इस समय वायरल फीवर के लक्षण इन्फ्लूएंजा ए के जैसे ही है। यह मौसमी संक्रमण है। मरीजों की संख्या अधिक बढ़ने, स्थिति गंभीर होने या अन्य लक्षण के मिलने पर इस पर शोध कर बीमारी के लक्षणों की पहचान की जाएगी। लोग सावधानी बरतें। दिक्कत होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।