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कोरोनावायरस: रेलवे की बड़ी चूक, वेंडरों की नहीं हुई जांच, ट्रेन में मिला था कोरोना संदिग्ध

Wed, 11 Mar 2020 12:27 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • राप्तीसागर एक्सप्रेस में मिला था संदिग्ध, वेंडर भी उसी कोच से आते-जाते रहे
  • सीनियर डीसीएम ने जांच कराने के लिए रेलवे बोर्ड को लिखा पत्र
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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राप्तीसागर एक्सप्रेस (12511) में बीते छह मार्च को यात्रा के दौरान कोरोनावायरस से संदिग्ध संक्रमित यात्री पाए जाने के बाद रेलवे से बड़ी चूक हुई है। ट्रेन के पेंट्रीकार के वेंडरों की जांच ही नहीं कराई गई। सभी वेंडर अभी भी ट्रेन में चल रहे हैं। इनसे भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लखनऊ के सीनियर डीसीएम अंबर प्रताप सिंह ने बताया कि प्राइवेट कर्मचारी होने के चलते रेल प्रशासन उनकी जांच नहीं करा सकता, इसके लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा गया है।
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संक्रमण का संदिग्ध यात्री गोरखपुर से ट्रेन के एस-4 कोच में सवार हुआ था और उसकी तबीयत भोपाल स्टेशन के बाद खराब हुई। सूचना के बाद अगले स्टेशन पर चिकित्सकों ने मरीज की जांच की और कोरोना से संक्रमण की आशंका जताई। इसके बाद यात्री को वारंगल रेलवे स्टेशन पर उतार लिया गया। साथ ही पूरी बोगी भी खाली करा दी गई, लेकिन ट्रेन के पेंटीकार में सवार वेंडरों की जांच नहीं कराई गई, जबकि वेंडर खानपान के सामान बेचने के लिए एस-4 कोच में भी गए थे।

रेलवे स्टेशन पर हड़कंप
राप्तीसागर एक्सप्रेस में कोरोना वायरस से संदिग्ध संक्रमित यात्री के पाए जाने के बाद रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मचा है। ट्रेन में गए चारों टीटीई वापसी पर काफी देर तक टीटीई रूम में बैठे थे। उनके साथी भी डरे-सहमे हुए हैं। हालांकि सोमवार को दोपहर जब साथी टीटीई को यह पता चला कि चारों में कोई भौतिक लक्षण नहीं दिखे हैं, तो उन्होंने राहत की सांस ली।
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संदिग्ध यात्री ने कराया था ई-टिकट, एर्नाकुलम जा रहा था

ट्रेन में कोरोना वायरस से संदिग्ध संक्रमित यात्री ने एर्नाकुलम जाने के लिए ई-टिकट कराया था। उसकी उम्र 20 वर्ष है। एस-4 में 11 नंबर बर्थ आवंटित हुआ था।

मास्क नहीं तो रुमाल ही सही
स्टेशन पर टीटीई इस कदर डरे-सहमे हैं कि मास्क नहीं मिलने पर कई ने रुमाल ही लगा रखा है। हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से हेल्थ महकमे को निर्देश दिया गया है कि रनिंग स्टॉफ को मास्क उपलब्ध कराया जाए, लेकिन मास्क उपलब्ध ही नहीं है।

हाथ नहीं मिलाएंगे, बस नमस्ते
रेलवे स्टेशन पर सोमवार को यात्री मित्र कार्यालय में डिप्टी एसएस से मिलने आए एक रेलकर्मी ने हाथ मिलाना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया। बोले, हाथ नहीं मिलाएंगे भाई साहब! नमस्ते बोलिए। इसके बाद सभी ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया।  

रेलवे स्टेशन पर बैनर लगाकर कर रहे जागरूक
रेलवे स्टेशन पर चिकित्सा विभाग की ओर से कोरोना वायरस से जागरूक करने वाला बैनर लगा दिया गया है। बैनर में कोरोना के लक्षण, बचाव और क्या करें व क्या न करें, से संबंधित सूचनाएं लिखी हैं। यात्री मित्र कार्यालय सहित कई जगहों पर बैनर लगाए गए हैं।
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