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Coronavirus in Gorakhpur: संक्रमण से बचाव के लिए शासन ने उठाया खास कदम, अब इन लोगों का लिया जाएगा नमूना

Sat, 04 Apr 2020 09:38 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस के जांच की गति अब शासन ने तेज कर दी है। अब नए नीति के तहत हाई रिस्क श्रेणी में शामिल लोगों के सैंपल हर हाल में जांच के लिए भेजे जाएंगे। ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित करने के निर्देश भी दिए गए है। जिससे की समय रहते कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पहचान की जा सके। हाई रिस्क श्रेणी में तब्लीगी जमात सहित गैर प्रांत और विदेश से आने वाले लोग शामिल किए गए हैं।

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राज्य सरकार की सचिव-चिकित्सा स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि कोविड-19 पीड़ित रोगियों और हाई रिस्क जनसंख्या को चिन्हित किया जाए। इसके बाद उनकी जांच कराई जाए।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने पत्र की पुष्टि करते हुए बताया है कि जिलाधिकारी की देखरेख में शासनादेश का पालन कराया जाएगा। अब जो भी व्यक्ति बाहर से आया होगा और उसे सांस फूलने की दिक्कत है तो उसका नमूना जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे की समय रहते पता चल सके कि उसमें संक्रमण के लक्षण हैं या नहीं।

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इन जिलों की जांच होगी आरएमआरसी सेंटर

शासन से आए पत्र के मुताबिक बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर और अयोध्या के नमूनों की जांच बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आईसीएमआर सेंटर में की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में नमूना कलेक्शन का समय 24 घंटे तय किया गया है।

प्रतिदिन हर एक जिले में कम से कम चार सैंपल (अधिकतम सैंपल संख्या आवश्यकतानुसार) नियमानुसार ट्रिपल लेयर पैकिंग में प्रयोगशाला भेजी जाएगी। इसके साथ ही इसकी सूचना स्वास्थ्य भवन लखनऊ हर रोज शाम छह बजे तक भेजनी होगी।

हाई रिस्क श्रेणी में शामिल हैं ये लोग
  • अंतरराष्ट्रीय यात्रा के 28 दिनों के अंदर कोविड-19 के लक्षणों वाले व्यक्ति।
  • कोविड-19 रोगी के संपर्क में आने वाले ऐसे व्यक्ति जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हों।
  • कोविड-19 रोगी के साथ एक ही घर में रहने वाला व्यक्ति।
  • सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी रोग (बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ वाले सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में भर्ती रोगी।)
  • 28 दिनों के भीतर तब्लीगी जमात में भाग लेने वाले समस्त व्यक्ति।
  • कोविड-19 रोगियों की देखभाल में लगे स्वास्थ्यकर्मी जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हो अथवा जिन्होंने पर्याप्त सुरक्षा के बिना कोविड-19 की जांच की हो (संपर्क के पांचवें और पुन 14वें दिन)
  • गंभीर लक्षणों वाले अंतरराज्यीय यात्री
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