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Coronavirus in Gorakhpur : कोरोना मरीज की मौत के बाद जांच के लिए आए 59 नमूने, जानिए कितने निगेटिव और कितने पॉजिटिव

Thu, 02 Apr 2020 04:19 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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corona virus - फोटो : amar ujala
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद कोरोना संक्रमण के नमूनों को लेने की प्रक्रिया प्रशासन ने तेज कर दी है। अब तक 59 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। जिसमें 58 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उस युवक की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 33 और रिपोर्ट का इंतजार है। मृतक के रिश्तेदारों का भी नमूना जांच के लिए आरएमआरसी सेंटर में आया है।

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बता दें कि बुधवार को एक दिन में सर्वाधिक 29 नमूने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आए थे। इनमें सबसे अधिक संतकबीर नगर से 15, मेडिकल कॉलेज के पांच, देवरिया के पांच, कुशीनगर के तीन और महराजगंज का एक नमूना शामिल था। यह जानकारी आरएमआरसी सेंटर के मीडिया प्रभारी ने दी थी। सभी की जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आई है।

कोरोना वायरस की जांच की प्रक्रिया अब प्रशासन ने तेज कर दी है। हर जिले से जांच के लिए नमून आ रहे हैं। एक ही दिन में जांच के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे 29 नमूनों ने प्रशासन की बैचेनी बढ़ा दी। एक मरीज में कारोना का संक्रमण और उसकी मौत पहले ही हो चुकी है। ऐसे में अगर किसी और मरीज में संक्रमण की पुष्टि होती है तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

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फैक्ट फाइल

  • 59 नमूने लिए गए हैं अबतक
  • 58 की रिपोर्ट मिली है निगेटिव
  • 01 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली, मौत
  • 33 के रिपोर्ट का है इंतजार

नर्सों का हंगामा, आठ होम क्वारंटीन
कोरोना वायरस से युवक की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी डरे हुए हैं। बुधवार को कॉलेज की नर्सों ने हंगामा करते हुए मास्क और सैनिटाइजर की मांग की। वहीं आठ नर्सों ने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है। बताया जाता है कि नर्सों के दबाव में ही युवक के कोरोना संक्रमण की जांच भेजी गई थी।

मौत के बाद लिया गया था नमूना
देश में यह शायद यह पहला मामला है जिसमें युवक की मौत के बाद नमूना संक्रमण की पुष्टि के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि नमूना लेने गए लैब टेक्नीशियन ने लापरवाही करते हुए पीपीई किट तक नहीं पहनी थी। इसकी वजह से दोनों लैब टेक्नीनिशयन को भी आइसोलेट कर दिया गया है।

केमिकल से फागिंग, फिर सैनिटाइजेशन

युवक की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पता चला कि युवक में कोरोना का संक्रमण है तो आनन-फानन में डॉक्टरों ने खुद ही सोमवार को आइसोलेट कर लिया था। साथ ही जिस वार्ड में युवक भर्ती था, उसको केमिकल से धुलने के बाद सैनिटाइज किया गया।

दो डॉक्टर सहित 11 स्वास्थ्य कर्मियों को किया गया आइसोलेट
युवक की मौत के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, दो लैब टेक्नीशियन, एक वार्ड ब्वाय, एक स्वीपर और ईसीजी टेक्नीशियन को आइसोलेट कर दिया गया है। साथ ही इनसे यह भी जानकारी ली गई है कि मरीज के संपर्क में आने के बाद वहां कहां-कहां गए थे।

रैन बसेरा कराया जा रहा खाली
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का रैन बसेरा खाली कराया जा रहा है। यहां पर मरीजों के तीमारदार रहेंगे। यह सुविधा इसलिए की गई है कि जिससे की मरीजों के तीमारदार वार्ड में न जाने पाएं। यह कोरोना वार्ड के समीप भी है।
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मरीज को लेकर चले गए तीमारदार

कोरोना वायरस का मरीज मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज में मरीज और तीमारदार भी डरे हुए हैं। डर का नतीजा यह रहा है कि बिहार की रहने वाली सुनैना और उसके परिजन उसे रात में ही मेडिकल कॉलेज से लेकर चले गए। बताया जाता है कि उसे सांस लेने में तकलीफ थी, इसकी वजह से डॉक्टरों ने उसका इलाज तक नहीं किया। मजबूरन परिजन रात में वहां से मरीज को लेकर चले गए।

मरीजों और तीमारदारों को करें सूचित
डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि युवक के संपर्क में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को सूचित करने के लिए कहा गया है। जिनकी पहचान हो जा रही है उन्हें तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना से संक्रमित युवक मेडिकल कॉलेज में रविवार से भर्ती था। ऐसे में रविवार को आने वाले मरीज और उनकी तीमारदारों की पहचान कराकर उन्हें सूचित करते हुए होम क्वारंटीन करने को कहा गया है।
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