जिले में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का नंबर ज्यादातर समय व्यस्त रह रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि वायरल फीवर व सर्दी जुकाम से पीड़ित व्यक्ति इन अधिकारियों को फोन कर सारे लक्षणों को बता रहे हैं। अंत में यह भी कह रहे हैं कि 'डॉक्टर साहब! कहीं नइकी बीमरिया तो नाहीं हो गइल बा।' लगातार बज रही फोन की घंटियां अधिकारियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही हैं।
मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सर्दी जुकाम व बुखार होना आम बात है, लेकिन सारे लक्षण कोरोना से मिलने जुलते हैं जिसके चलते लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। खांसी व छीक आने से लोगों को ऐसा लग रहा है मानों उन्हें कोरोना हो गया है।
यही नहीं इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले लगभग 70 प्रतिशत लोगों में कोरोना का भय देखा जा सकता है। जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन रामजी सोनी ने बताया कि यह सही है कि इलाज के लिए आने वालों में कोरोना का भय देखा जा सकता है।