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यूरोप से आए 41 लोगों की जानकारी मिलते ही मचा हड़कंप, सतर्क हुआ स्वास्थ्य महकमा

Fri, 25 Dec 2020 06:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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coronavirus - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जिले में यूरोप से 41 लोग आए हैं। प्रदेश सरकार से सूची मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने सभी को खोज लिया है। सभी की एंटीजन जांच कराई गई है और रिपोर्ट निगेटिव मिली है। रीयल टाइम पालीमरेज चेन रियेक्शन (आरटीपीसीआर) जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं। एहतियात के तौर पर सभी को होम आइसोलेट करा दिया गया है। साथ ही सख्त हिदायत दी गई है कि वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे।

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भारत सरकार द्वारा भेजी गई सूची बृहस्पतिवार की देर रात प्रदेश सरकार के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को मिली है। जिसमें गोरखपुर में 41 लोगों के यूरोप से लौटने की सूचना है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। रात से लेकर सुबह तक सभी की खोज कर ली गई है।

इसमें 32 लोग 25 नवंबर से आठ दिसंबर के बीच आए हैं। नौ लोग आठ दिसंबर के बाद आए हैं। सभी की तत्काल एंजीटन जांच कराई गई। रिपोर्ट निगेटिव पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। आठ दिसंबर के बाद आए नौ लोगों का सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा गया है, इसमें से दो की रिपोर्ट आ गई है जो निगेटिव है।
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28 दिन घर पर रहने की हिदायत

आठ दिसंबर के पहले आने वालों को 28 दिन तक घर पर ही रहने की हिदायत दी गई है। उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उनमें कोई लक्षण नजर आने पर तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया जाएगा और आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी।

यदि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो यूरोपीय वायरस का जीनोम टेस्ट करने के लिए उनका नमूना नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बायोलॉजिकल्स (एनआइबी) पुणे भेजा जाएगा। यदि यूरोप में फैले वायरस का जिनोम मिलता है तो उन्हें अस्पताल में ही रहना होगा। 14 दिन बाद पुन: जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हर 24 घंटे पर जांच होगी।

पॉजिटिव आने पर होगी पूरे परिवार की जांच
अगर किसी की रिपोर्ट पाजिटिव आती है तो उसके पूरे परिवार तथा जिन लोगों से वह मिला है, सबकी जांच कराई जाएगी। उनके भी पाजिटिव आने पर उनका नमूना एनआइबी पुणे भेजा जाएगा। उन्हें भी अलग वार्ड में रखा जाएगा।

 
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इंटरनेशनल ट्रैबलर वार्ड बनेगा

यूरोप से आए लोग यदि पॉजिटिव आते हैं तो उनके लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा। उसका नाम इंटरनेशनल ट्रैबलर वार्ड रखा जाएगा।

पुराने ढर्रे पर ही इलाज
यूरोपीय वायरस का जिनोम मिलने पर भी पुराने ढर्रे पर ही इलाज होगा। क्योंकि उसके हिसाब से इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। कोरोना मरीजों का जो पहले से इलाज चल रहा है, इन मरीजों का भी वही इलाज किया जाएगा।

कहां से कितने यात्री आए
स्पेन से एक, ढाका से एक, कोपेनगन से एक, केपटाउन से एक, रोम से दो, बर्सिलोना से एक, अटलांटा (यूरोप से होकर आया है) एक और लंदन से 33 यात्री आए हैं।

सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने कहा कि कुल 41 लोग यूरोप से आए हैं। सबकी पहचान कर ली गई है। सभी की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव है। नौ लोगों का आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना भेजा गया है। इसमें से दो लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। यूरोप से आए लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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