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गोरखपुर: यूपी के स्वास्थ्य मंत्री बोले- कोरोना वायरस बदल रहा स्वरूप, जांच रिपोर्ट में भी अंतर

Sat, 03 Oct 2020 09:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।
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यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस अलग-अलग शरीर में अलग-अलग तरह से असर दिखा रहा है। वायरस का लगातार म्यूटेशन (स्वरूप बदलना) हो रहा है। इसी का नतीजा है कि एक ही व्यक्ति की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
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शुक्रवार को गोरखपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यूपी में कोरोना की रोजाना एक लाख 64 हजार जांचें हो रही हैं। संक्रमित भी मिल रहे हैं। राहत की बात यह है कि अगस्त और सितंबर के पहले सप्ताह के मुकाबले अब संक्रमण का ग्राफ नीचे गिर रहा है। मंत्री ने कोरोना मरीजों व उनके तीमारदारों ने मनमाना शुल्क वसूलने वाले अस्पताल संचालकों को सख्त चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा कि मरीजों से ज्यादा शुल्क वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लखनऊ में चार अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गोरखपुर में भी तय सीमा से अधिक शुल्क वसूलने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सीएचसी बासूडीहा में दुर्व्यवस्था देखकर मंत्री ने जताई नाराजगी

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बासूडीहा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में दुर्व्यवस्था देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सीएमओ को शीघ्र समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया।
बता दें कि, स्वास्थ्य मंत्री सीएचसी की व्यवस्थाओं का जायजा लेने बासूडीहा पहुंचे थे। वहां मौजूद ग्रामीणों ने अस्पताल की अव्यवस्था से मंत्री को अवगत कराया।

ग्रामीणों ने मंत्री को सामने पाकर उनसे अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित तैनाती के साथ एंबुलेंस उपलब्ध करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में कोई भी चिकित्सक रात्रि विश्राम नहीं करता है। जिससे रात में आने पर उन्हें सिर्फ रेफर किया जाता है। इस दौरान चिकित्सकों को रात्रि विश्राम के लिए तत्काल आदेशित करने की मांग उठी।

अस्पताल की इस व्यवस्था पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से उक्त समस्याओं को तत्काल दूर करने का आदेश दिया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी बांसगांव कुलदीप मीणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी कौड़ीराम डॉ. संतोष कुमार वर्मा, लैब टेक्नीशियन विनय श्रीवास्तव, विकास सिंह, जयप्रकाश सिंह, विनोद सिंह, नारायण सिंह, महंथ सिंह, अभिमन्यु सिंह, रितेश मौर्य आदि उपस्थित थे
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