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Gorakhpur News: लगातार बारिश धान की फसलों के लिए वरदान

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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर बोले- फसल में उवर्रक के प्रयोग का यह सही समय
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गोरखपुर। पिछले दिनों कम वर्षा के कारण धान की फसल काफी प्रभावित हुई है। पोषक तत्वों की कमी के कारण कल्लो की संख्या में वृद्धि संतोषजनक नहीं है। लेकिन, बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश धान के लिए वरदान साबित होगी। किसान इसका लाभ उठाएं और धान की फसल में उर्वरकों का प्रयोग करें। यह कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर का।
बताया कि जिन किसानों ने धान की फसलों में पिछले 15 दिनों में उर्वरक का प्रयोग नहीं किया है। वे प्रति एकड़ 25 किलोग्राम यूरिया के साथ 5 किलोग्राम जिंक सल्फेट का प्रयोग करें। जिन खेतों में धान के बीच वाले पौधों की पत्ती पर भूरे रंग के धब्बे दिखाई दें, वहां जिंक सल्फेट का छिड़काव करें।
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डॉ. एसके तोमर ने बताया कि जिंक सल्फेट का छिड़काव करने के लिए 5 ग्राम जिंक सल्फेट व 20 ग्राम यूरिया प्रति लीटर पानी की दर से घोल बना लें। जिंक सल्फेट को बुझे हुए चूने के पानी के साथ भी घोलकर छिड़काव किया जा सकता है। कभी भी जिंक सल्फेट को अकेले छिड़काव नहीं करना चाहिए। प्रति एकड़ कम से कम 200 लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।
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डॉ. तोमर ने बताया कि इस समय कुछ खेतों में पोटाश की कमी के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। जिसमें पत्तियां नोक की तरह से सीधी हो जाती हैं। उन पर गहरे भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में किसान 30 किलोग्राम मूयूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ की दर से टॉप ड्रेसिंग करें। इससे धान की अच्छी पैदावार होगी।
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