रविवार को पीपीगंज, साहबगंज के प्राचीन मंदिर में किसान पंचायत बुलाई गई। तब आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) के जरिए मामले को सुलझाने की बात कही गई। किसान पंचायत के बाद 100 से अधिक लोगों ने आर्बिट्रेशन दाखिल कराया है। बृहस्पतिवार की दोपहर कार्यदायी संस्था एनएचएआई के लोग गोलीगंज के पास भइयाराम में पहुंचे। कुछ देर तक वहां रहने के बाद अचानक ही टीम लौट गई।
इसके बाद ग्रामीणों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। उधर तहसील प्रशासन की ओर से एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को रिंग रोड का काम शुरू कराया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: बीआरडी: हर वार्ड में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप, कल्चर जांच में हुआ खुलासा
कैंपियरगंज तहसीलदार केशव प्रसाद ने कहा कि निर्माण कार्य के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन अचानक आवश्यक काम आने पर लौटना पड़ा। शुक्रवार को रिंग रोड का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक भवेश अग्रवाल ने कहा कि किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। आगे जो भी दर होगी, उसके आधार पर भुगतान कराया जाएगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। काम शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। ताकि समय से इसे पूरा कराया जा सके।
जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू कराने की बात बृहस्पतिवार की शाम किसानों में फैल गई। इसको लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि उचित निर्णय आए बिना कोई काम नहीं होगा।
किसान रवि कुमार ने कहा कि रविवार को प्राचीन कुटिया पर बैठक हुई थी। इसमें बात हुई थी कि जब तक उचित निर्णय हो जाए। तब तक कोई काम नहीं होगा। यह बात डीएम भी कह चुके हैं। यदि इसके बाद भी निर्माण कराया जाएगा तो यह डीएम के निर्देशों की अवहेलना है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में खौफ: माफिया की कमर तोड़ें कैसे? पुलिस से शिकायत करके मुकर जाते हैं लोग
किसान सुनील पाठक ने कहा कि जिलाधिकारी ने हम सभी किसानों को आश्वस्त किया था कि जब तक आर्बिट्रेशन में कोई निर्णायक फैसला नहीं आ जाता है। तब तक किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। यदि इसके बाद भी अगर कार्यदायी संस्था निर्माण करा रही है तो यह हम किसानों के समझौते पर पानी फेरने जैसा है।
किसान रजत ने कहा कि आज फिर ठेकेदार और कुछ अधिकारी किसानों की जमीन पर कब्जा करने आए थे। करीब 10 वाहनों में लोग पहुंचे थे। उनके आने की जानकारी होने पर किसान जुटते। इसके पहले वहां से चले गए।
किसान कृष्णदेव पाठक ने कहा कि हम लोग आर्बिट्रेशन में जा चुके हैं। जिलाधिकारी बार-बार सभी किसानों को आश्वस्त कर रहे हैं कि आर्बिट्रेशन के जरिए आइए। सभी किसानों के लिए उचित निर्णय फैसला लिया जाएगा, लेकिन जबरन काम शुरू कराने की कोशिश हो रही है। इससे विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है।