मौके पर जुटे ग्रामीण व रोते बिलखते परिजन।
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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के महुली क्षेत्र के नाथनगर कस्बे में किराए के मकान में रहने वाले चकबंदी कानूनगों की बृहस्पतिवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। सूचना पर सीओ चकबंदी, एसीओ आदि मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिजन शव को गांव उठा ले गए। कानूनगों पेट की बीमारी से ग्रसित बताए गए।
गोरखपुर जिले के खोराबार क्षेत्र के जंगल रामगढ़ उर्फ चवरी निवासी 45 वर्षीय भरत लाल पासवान तीन वर्षों से धनघटा तहसील क्षेत्र में चकबंदी विभाग में कानूनगों के पद पर तैनात थे। वह महुली क्षेत्र के नाथनगर में किराए के मकान में रह रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह वह बिस्तर पर मृत हाल में पाए गए।
भरत लाल पासवान के साथ रह रहे विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी राम दुलारे ने बताया कि तीन दिन से भरत लाल पेट संबंधित बीमारी से ग्रसित थे। वह सीएचसी नाथनगर में उपचार करवा रहे थे। बुधवार को हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से कमरे पर लाया गया था। सुबह जब भरत लाल को जगाने गए तो वह बिस्तर पर मृत हाल में पड़े मिले। शोर मचाया तो आस-पास के लोग जुट गए।
घटना की जानकारी पर सीओ चकबंदी विनय श्रीवास्तव, एसीओ चंद्रिका शुक्ल और उत्तर प्रदेश चकबंदी कर्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वदेव दूबे आदि पहुंच गए। बाद में सूचना पर परिजन भी पहुंच गए और शव को अपने साथ गोरखपुर ले गए।