सुरक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार वर्ष 2010 में बढ़नी बाॅर्डर से इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी सलमान उर्फ छोटू को एक एजेंसी ने दबोचा था। पूछताछ में नेपाल में बैठकर देशविरोधी गतिविधि चलाने की बात सामने आई थी। 17 अगस्त 2013 में रक्सौना बिहार से पकड़े गए आतंकी अब्दुल करीम टुंडा ने नेपाल में बैठकर देश विरोधी गतिविधि चलाने की बात स्वीकार की थी।
इसके ठीक 12 दिन बाद उसी आतंकी संगठन से जुड़े यासीन भटकल को पकड़ा गया था। जिसके कनेक्शन बार्डर से सटे नेपाल में होने बात सामने आई थी। अक्तूबर 2015 में पाकिस्तान के वैज्ञानिक डॉ. आवेद को एजेसियों ने गिरफ्तार किया था। जिसके भारतीय क्षेत्र में भ्रमण करने की बात सामने आई थी। इसके अलावा पूर्व में भी आतंकी संगठन के लोग पकड़े जा चुके हैं। जो नेपाल में बैठकर भारत विरोधी गतिविधि चला रहे थे।
इसे भी पढ़ें: भारतीय क्षेत्र में पहुंची चीन की महिला, नेपाल पुलिस को सौंपा
पिछले ढाई साल में जिले में पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्य शोहरतगढ़ से पकड़े जा चुके हैं। इसमें एसटीएफ की टीम ने बस्ती से रादिश नाम के एक शख्स को पकड़ा था। जिसके पास देश विरोधी दस्तावेज मिले थे। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि यह पीएफआई का ट्रेनिंग कमांडर है। जो शोहरतगढ़ का रहने वाला था।
इसे भी पढ़ें: निषाद महाकुंभ से पहले आमने-सामने आए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद व पूर्व मंत्री जयप्रकाश
उसके बाद तीन बार एसटीएफ और एटीएस की टीम पीएफआई से जुड़े संदिग्धों को उठाकर पूछताछ करके छोड़ चुकी है। सूत्रों के अनुसार नेपाल से आकर कुछ लोग इनके संपर्क में जुड़े थे। हालांकि, वह एजेंसियों के हाथ लगने से पहले नेपाल सीमा में जा चुके थे। इस घटनाओं के बाद सीमा हैदर के खुनुवां बार्डर से पार करने की बात ने अन्य घटनाओं को ताजा कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा है। अपराध रोकने के लिए एसएसबी के साथ बॉर्डर पेट्रोलिंग की जाती है। आपरेशन कवच के अंतर्गत 424 ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है। बाॅर्डर पर अपराध नियंत्रण के लिए लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है। कोई भी सूचना मिलने में सक्रियता पूर्वक कार्रवाई की जाती है।