सीमांकन व नामांतरण के वादों के निस्तारण में मिली लापरवाही
कमिश्नर ने लंबित न्यायिक वादों के निस्तारण की समीक्षा की। धारा-24 (सीमांकन) के वादों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि एसडीएम कैंपियरगंज, गोला, देवरिया सदर, भाटपाररानी और एडीएम प्रथम व द्वितीय देवरिया, अतिरिक्त उप जिलाधिकारी देवरिया के न्यायालय में अत्यधिक वाद लंबित है। निस्तारण में देरी पर सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने का निर्देश दिया।
इसी प्रकार धार-34 (नामांतरण) के वादों की समीक्षा 3 वर्ष एवं 5 वर्ष से अधिक समय से वाद तहसीलदार सदर गोरखपुर, तहसीलदार न्यायिक सदर गोरखपुर, तहसीलदार न्यायिक सदर देवरिया, नायब तहसीलदार कैंपियागंज, पिपराइच, रामपुर कारखाना, भटनी के स्तर पर लंबित पाया गया। कमिश्नर ने सभी के वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।
विरासत गलियारा में भी कार्य की धीमी प्रगति पर निर्माण खंड-2 के एक्सईएन और एई को फटकार लगाई। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय से संबंधित आडिटोरियम के निर्माण में देरी पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सचेत किया।
गोड़धोइया नाला एवं रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार तथा वाटर ट्रीटमेंट के कार्य में विलंब जल निगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई। इस अवसर पर डीएम दीपक मीणा, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम प्रशासन, अधिकारियों के अलावा महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर के डीएम, सीडीओ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।