फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ही परिवार की दो फर्मों पर वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी, फर्जी बिल पर बिक्री पकड़ी, 48 लाख का पेंट सीज

Sun, 20 Sep 2020 03:35 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कर चोरी की आशंका, कागजात, कंप्यूटर की हार्डडिस्क जब्त की
  • जांच में मूल्यांकन विशेषज्ञ को किया गया था शामिल
विज्ञापन
वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोरखनाथ मंदिर रोड पर नथमलपुर के पास एक परिवार की दो फर्मों तारा इलेक्ट्रिकल्स और तारा पेंट्स पर वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने शनिवार देर शाम छापेमारी करके फर्जी बिल पर सामानों की बिक्री का मामला पकड़ा। करीब छह घंटे की छानबीन के बाद 48 लाख रुपये का पेंट सीज किया गया। छापेमारी करने वाली टीम के मुताबिक कर चोरी की आशंका है। लिहाजा, कागजात, स्टॉक रजिस्टर, कंप्यूटर की हार्डडिस्क, खरीद-बिक्री की रसीद जब्त की गई है।

विज्ञापन

 
वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा को तारा इलेक्ट्रिकल व तारा पेंट्स की दुकान से फर्जी बिल पर बिक्री की शिकायत मिली थी। टीम ने गोरखनाथ पुलिस को सूचना दी और देर शाम दलबल के साथ दुकान पर जा पहुंची। सबसे पहले स्टॉक रजिस्टर की जांच हुई, फिर उसे जब्त कर लिया गया।

टीम के मुताबिक बड़ी मात्रा में कर चोरी के साक्ष्य मिले हैं। अब दस्तावेज और स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। छापेमारी वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 बाबूलाल के निर्देश पर हुई है। विशेष अनुसंधान शाखा की टीम के साथ कर मूल्यांकन करने वाले विशेषज्ञ भी शामिल थे।
विज्ञापन


विभाग को शिकायत मिली थी कि व्यापारी द्वारा अपनी फर्म से दो बिल जारी किया जा रहा है। इस सिलसिले में व्यापारी का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।

विज्ञापन

बिना इनवाइस नंबर हो रही थी बिक्री

जांच में टीम को कई बिल बुक ऐसे मिले, जिस पर इनवाइस नंबर ही प्रिंट नहीं था। इसके बावजूद बिक्री की जा रही थी। जांच टीम के मुताबिक व्यापारी अपनी सुविधानुसार 50 हजार रुपये से कम के बिल काट कर जारी कर देते हैं, ताकि ई-वे बिल जारी न करना पड़े।

जीएसटी के नियमों का उल्लंघन
करोड़ों रुपये का टर्नओवर करने वाली दोनों फर्मों ने जीएसटी के नियमानुसार कोई भी स्टॉक डिटेल, लेजर, कैशबुक मेंटेन नहीं किया था। अधिकारियों ने कर चोरी के आरोप में स्टॉक का सत्यापन करवाने के बाद करीब 48 लाख रुपये का पेंट सीज किया है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 राजेश सिंह ने बताया कि व्यापारी के रिटर्न टैक्स की डिटेल और बाकी डाटा भी ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

जांच टीम में ये लोग थे शामिल
जांच टीम में ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी रमेश दुबे, डिप्टी कमिश्नर एसआईबी रेंज ए श्याम नारायण यादव, डिप्टी कमिश्नर एसआईबी रेंज बी सच्चिदानंद सिंह, सचल दल की तीन टीमों सहित सेक्टर के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।
 
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 बाबू लाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दोनों फर्म की जांच की गई है। जांच में एसआईबी टीम के अलावा मूल्यांकन करने वाले विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया था। शुरुआती जांच में कर चोरी के सुबूत मिले हैं। स्टॉक संबंधी जानकारी लेते हुए सारे दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। सारे दस्तावेज और उनके स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें