उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा है कि कोरोना जांच के लिए अधिकृत निजी पैथालॉजी केंद्रों पर जांच के लिए किसी को निर्धारित दर से ज्यादा रुपये देने की आवश्यकता नहीं है। यदि केंद्र निर्धारित दर से ज्यादा की मांग कर रहे हैं तो शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि कोरोना जांच के लिए एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच पद्धति ही विश्वसनीय हैं। पंजीकृत प्राइवेट नर्सिंग होम को संदिग्ध रोगियों की तत्काल जांच के लिए एंटीजन किट दिए गए हैं ताकि उन्हें यथाशीघ्र चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो सके। ऐसे नर्सिंग होम को कोरोना की एंटीजन जांच निशुल्क करनी है। उन्हें मरीजों को एंटीजन पॉजिटिव या निगेटिव की रिपोर्ट भी देनी होगी।
सीएमओ ने बताया कि जिले की जिन निजी पैथालॉजी को कोरोना के आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच के लिए अधिकृत किया गया है, उनके लिए भी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दरें तय कर दी गई हैं। कोई भी अधिकृत निजी पैथालॉजी आरटीपीसीआर जांच के लिए 1600 रुपये से अधिक नहीं ले सकता।