स्वतंत्र भारत की पहली सरकार जब बनी थी, उस सरकार में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी खाद्य और भारी उद्योग के मंत्री थे। बताया कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस सरकार की 'तुष्टिकरण नीतियों' के विरोध में जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
सीएम योगी ने कहा, भारतीय जनसंघ ने अपनी यात्रा सत्ता के लिए शुरू नहीं की थी। उसने कश्मीर पर कांग्रेस सरकार की साजिशों को उजागर करने और राष्ट्र की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए संघर्ष शुरू किया था।
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने नारा दिया था - 'एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे'। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर डॉ. मुखर्जी का वह सपना पूरा किया। 1953 से लेकर 2019 तक जनसंघ और बाद में बीजेपी का हर कार्यकर्ता इसके लिए संघर्ष करता रहा।
1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 'लोकतंत्र का गला घोंटने' की कोशिश की थी। उस दौरान एक लाख से अधिक जनसंघ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को स्थिर सरकारें दीं।
सीएम योगी ने दावा किया कि 2014 से पहले वामपंथी उग्रवाद करीब 120 जिलों में फैला था, जो अब 'एक-दो जिलों' तक सिमट गया है। कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' जैसी योजनाओं ने लोगों की जिंदगी बदल दी है। पिछले 11-12 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।