चौरीचाैरा रेल ओवरब्रिज
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इस रेलवे फाटक पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान दिन में कई बार जाम लगता था। इससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को परेशानी होती थी। ओवरब्रिज शुरू होने से लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे।
ओवरब्रिज को ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना की स्मृतियों से भी जोड़ा गया है। इसके स्तंभों और दीवारों पर चार फरवरी 1922 की चौरीचौरा घटना में योगदान देने वाले अमर बलिदानियों के चित्र और संघर्ष को म्यूरल आर्ट के माध्यम से उकेरा गया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को क्षेत्र के ऐतिहासिक गौरव से परिचित कराना है।
गोड़धोइया नाला फेज एक का होगा लोकार्पण
शहर में जलभराव और सीवर प्रबंधन की समस्या दूर करने के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे।
इस चरण में 9.25 किलोमीटर लंबे नाले के सापेक्ष 7.75 किलोमीटर पक्के नाले का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 17.50 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवेज के शोधन के लिए 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया गया है। साथ ही 61 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 पुल व कल्वर्ट बनाए गए हैं।
परियोजना से शहर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी। सीवेज को शोधित करने के बाद पानी रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे ताल की जल गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री परियोजना के दूसरे चरण का भी शिलान्यास करेंगे। इस पर 92.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत नाले के 1.50 किलोमीटर लंबे कच्चे हिस्से को आरसीसी से पक्का किया जाएगा।
इसके अलावा बिछिया रेलवे कॉलोनी स्थित 38 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी तक पहुंचने के लिए नाले के समानांतर 1.50 किलोमीटर लंबा एप्रोच मार्ग बनाया जाएगा। वर्तमान में एसटीपी तक पहुंचने के लिए रेलवे कॉलोनी के अंदर से होकर एक संकरा रास्ता है। भविष्य में रेलवे की ओर से कॉलोनी की बाउंड्रीवाल बनाए जाने पर यह रास्ता बंद हो सकता है। ऐसे में नया मार्ग एसटीपी तक पहुंच आसान बनाएगा।
दूसरे चरण में 120 स्ट्रीट लाइट लगाने और लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नाले के दोनों ओर बनेगी 7.75 किलोमीटर लंबी सड़क
गोड़धोइया नाले के समानांतर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से 7.75 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री एक नवंबर को इसका शिलान्यास करेंगे। सड़क बनने से नाले के आसपास रहने वाले लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
परियोजना के तहत नाले के दोनों ओर 3.75 मीटर चौड़ा कैरेजवे बनाया जाएगा। इसके साथ पौधरोपण, सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर और प्रकाश व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे।
जोन ए-3 में बिछेगी 350 किलोमीटर सीवर लाइन
गोड़धोइया नाला क्षेत्र में सीवर प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 को मंजूरी दी गई है। अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत इस परियोजना पर 721.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री इसका शिलान्यास करेंगे।
योजना के तहत गोड़धोइया नाले से जुड़े 17 वार्डों में करीब 350 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ 43,604 घरों को सीवर कनेक्शन दिया जाएगा। सीवेज के प्रबंधन के लिए 37.50 एमएलडी और 27 एमएलडी क्षमता के दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इससे शहर के सीवर प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।