'महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जरूरी'
मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिला है। राज्य में 54 फीसदी ब्लॉक प्रमुख महिलाएं हैं। ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों में भी महिलाओं की भागीदारी 50 फीसदी तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 के बाद नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के पुनरुद्धार से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला, जिसमें आधी भागीदारी महिलाओं की है। प्रदेश में 21 हजार से अधिक नवप्रवर्तन उद्यम शुरू हुए हैं, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भूमिका है।
'इतिहास और परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के इतिहास और परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। उन्होंने भगवान राम को कौशल्यानंदन और प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन कहे जाने का उदाहरण दिया। श्रीराम में श्री शब्द माता सीता के लिए है और सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे-राधे से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है और गंगा जी को मां गंगे कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी गरिमा को हर स्तर पर सम्मान देने का काम शुरू हुआ है। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसी पहल का उल्लेख किया, जिससे 26 लाख बेटियां लाभान्वित हो रही हैं।
डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता और जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रूण हत्या रोकने के लिए मातृ वंदना और इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रम चलाए। प्रदेश में बाल विवाह और दहेज रोकने के लिए सामूहिक विवाह योजना चलाई गई। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना, घरौनी, शौचालय, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री स्वनिधि और आयुष्मान योजना में महिलाओं को सर्वाधिक भागीदारी मिली है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी रैली का संस्मरण साझा किया, जहां हजारों नारी शक्ति ने भाजपा का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि डबल इंजन की सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महिला कल्याण और विकास पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने नौनिहालों का अन्नप्राशन भी कराया और माताओं को बच्चों को खीर खिलाने के लिए प्रेरित किया।