मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाले लोग रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। ऐसे लोग सामाजिक एकता को खंडित कर भारत को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि की गरिमा को भी 500 वर्ष पहले इसी तरह अपमानित किया गया था।
जो अराजकता फैलाएगा, रावण जैसी दुर्गति को प्राप्त होगा। जो सनातन के खिलाफ, भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करेगा, वह भी रावण की तरह धराशायी होगा... https://t.co/gfYJlFtGLH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 20, 2026
मुख्यमंत्री मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी और सत्य, धर्म, सामाजिक एकता तथा राष्ट्र की मजबूती का संदेश दिया।
भारत कमजोर होता है तो धार्मिक स्थलों पर होते हैं हमले
सीएम योगी ने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि अपमानित होती हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर पर आघात होता है और सोमनाथ मंदिर को तोड़ा व लूटा जाता है। उन्होंने कहा कि देश की कमजोरी का असर नारी गरिमा पर भी पड़ता है। इसके विपरीत, मजबूत भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और गौरव को पुनः स्थापित करने में सक्षम होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 500 वर्ष पहले अपमानित हुई राम जन्मभूमि की गरिमा को पुनः स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण इसी का उदाहरण है।
राम मंदिर के विरोधियों पर साधा निशाना
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के बारे में दुष्प्रचार करने वाली ताकतें देश के भीतर भी हैं और विदेश से भी प्रायोजित हैं। उनके अनुसार, इनका उद्देश्य भारत की एकता और मजबूती को प्रभावित करना है।
देश की सुरक्षा से जुड़ा है धर्म और समाज का भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश है तो धर्म है और धर्म है तो हम सब हैं। कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत सभी जातियों, संप्रदायों और मतों को सुरक्षा देने तथा बिना भेदभाव समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश देती है।
सीएम योगी ने भारतीय ऋषि परंपरा के मंत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका भाव सबके सुख और कल्याण की कामना करना है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संदेश से भी जोड़ा।