मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद महिलाओं और बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये की मदद दी जाती है, जबकि बेटी के विवाह के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में परिवारों की मदद करना है। योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा के अलग-अलग चरणों में परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि विवाह योग्य होने पर बेटी की शादी के लिए भी सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
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प्रदेश में 45 हजार महिला पुलिसकर्मी कर रहीं काम
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जबकि वर्तमान में 45 हजार महिला पुलिसकर्मी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और बेहतर माहौल तैयार करने में योगदान दे रही हैं।
गांव-गांव में सेवाएं दे रहीं 54 हजार बैंकिंग सखी
योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में 54 हजार बैंकिंग सखी गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को बैंक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और रोजगार व सेवाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि सभी सिद्धियों, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने मातृ शक्ति की महत्ता भी बताई, कहा- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता का वास होता है। सुख, समृद्धि और कल्याण होता है।
2017 से पहले दंगों की आग में झुलस रहा था प्रदेश
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के कारनामों को भी उजागर किया, कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के उपद्रव ग्रस्त माहौल ने विकास पर ग्रहण लगा रखा था। अराजकता चरम पर थी। गुंडे, माफिया और उपद्रवी समानांतर सरकार चला रहे थे। प्रदेश दंगों की आग में झुलस रहा था। पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। अभिभावक अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने को मजबूर थे।
2017 के बाद विकास की तस्वीर भी दिखाई
मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए विकास की तस्वीर भी साझा की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। 'रूल ऑफ लॉ' की स्थापना के साथ प्रदेश को उपद्रव से निकालकर उत्सव प्रदेश के रूप में स्थापित किया। विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश की डबल इंजन सरकार द्वारा नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में किए गए प्रयासों ने प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से निकालकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना है उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी, पर-कैपिटा इनकम, बजट और महिला श्रम बल भागीदारी 3 गुना हुई है। प्रदेश लगातार रेवेन्यू सरप्लस बना हुआ है। प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। बड़े कारखानों की संख्या ढाई गुना बढ़कर 14 हजार से 35 हजार हुई है। निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मृतप्राय पड़ा एमएसएमई क्षेत्र हुआ पुनर्जीवित
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत आज उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश की कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को साढ़े 9 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। मृतप्राय पड़े एमएसएमई क्षेत्र को पुनर्जीवित करके 3 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।
'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश'
मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए कहा कि 'सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश' के दृढ़ संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन सरकार 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को साकार करने के लिए निरंतर अग्रसर है।