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सीएम योगी ने खिचड़ी मेला की तैयारियों का लिया जायजा, फरियादियों से भी की मुलाकात

Fri, 27 Nov 2020 12:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सीएम योगी अदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर आगमन के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर का निरीक्षण का एक-एक काम की प्रगति जांची। उन्होंने निर्देश दिया कि हर हाल में 15 दिसंबर तक मेला मैदान तैयार कर लिया जाए।
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उन्होंने कहा कि मकरसंक्रांति भले ही 14 जनवरी को होगी लेकिन मंदिर परिसर में मेला एक जनवरी से ही सजने लगता है। ऐसे में श्रद्धालुओं-पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसलिए मेला संबंधी पूरी तैयारी 15 दिसंबर तक पूरी कर लेनी होगी।  

दर्शन-पूजन के बाद सुबह करीब आठ बजे से उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण शुरू किया। सबसे पहले मुख्यद्वार के पास बन रहे चाहरदीवारी के काम का निरीक्षण किया। पूछा कि बचा हुआ काम कब तक पूरा हो जाएगा। पास में टूटी हुई दुकानों के पड़े मलबे को हटाने का निर्देश दिया। इसी तरह बिजली निगम के अफसरों को गोरखनाथ मंदिर की मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाईट के लिए लगाए जा रहे पोल और अण्डरग्राऊंड तार डालने के काम में भी तेजी लाने को कहा।
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चित्रगुप्त मंदिर के प्रतिनिधि मंडल ने जताया आभार

वहां से मुख्यमंत्री मेला मैदान पहुंचे।  राजकीय निर्माण निगम प्रोजेक्ट मैनेजर डीबी सिंह को उन्होंने निर्देश दिया कि इंटरलाकिंग का काम जल्द  पूरा किया जाए। मैदान में पाथ-वे का निर्माण कराया जा रहा है ताकि मेले में भीड़ जुटने पर धूल न उड़े। इसी तरह मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों को समय से पूरा करने के लिए उन्होंने क्षेत्रीय पयर्टन अधिकारी को निर्देश दिया। 

निरीक्षण के दौरान मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कार्यालय के प्रधान सचिव द्वारिका तिवारी, बीरेंद्र सिंह, अजय कुमार सिंह, अरुणेश शाही, नरेंद्र कुमार मिश्र, राणा प्रताप सिंह, दिव्य कुमार सिंह, विनय गौतम के अलावा संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।

 चित्रगुप्त मंदिर को पर्यटन स्थल की दृष्टि से विकसित करने के लिए 1.40 करोड़ रुपये  देने पर मंदिर सदस्यों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके प्रति आभार जताया। बता दें कि पिछले साल पूर्व विधायक स्वर्गीय अवधेश कुमार श्रीवास्तव की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी। इसी क्रम में उन्होंने फंड जारी कराया।  प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रुप से अध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव, मंत्री एडवोकेट अखिलेंदु कुमार श्रीवास्तव, वैद्य अरुण कुमार श्रीवास्तव एवं पूर्व विधायक अवधेश कुमार श्रीवास्तव के पौत्र शैवाल शंकर श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों ने रखी अपनी समस्याएं

करोना जैसी बीमारी के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री का अचानक  जनता दरबार लग गया। उनसे मिलने पहुंचे सौकड़ों लोगों ने करोना प्रोटोकाल के तहत मुलाकात की और अपनी समस्याएं उनके सामने रखी। सबकी समस्याओं को सुनने के बाद योगी ने स्थानीय लोगों के आवेदन को कश्निर , डीएम व एसएसपी को सौंप दिया जबकि अन्य जिलों के अधिकारियों वाला प्रार्थना पत्र साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर समस्या का सामाधान शीघ्र करें।

बृहस्पतिवार को  मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए थे। हमेशा की तरह सीएम सुबह उठकर गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने पहुंचे। दर्शन के बाद वह ब्रह्मलीन महंत की समाधि पर जाकर शीश नवाया। फिर वह मंदिर का भ्रमण करने निकल पड़े।

मंदिर की साफ सफाई देखे। जहां पर किसी प्रकार की कमी दिखी उसे ठीक करने का निर्देश वहां के कर्मचारियों को दिया। सीएम सुबह ही मंदिर के अंदर हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किए। गोशाला में जाकर गायों को देखा उनको पुचकारा तथा उन्हें गुण व बिकस्कट खिलाया। वहां से आकर अपने कार्यालय के बगल वाले कक्ष में बैठ गए।

मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर गोरखनाथ मंदिर हमेशा  लोग अपनी फरियाद लेकर आते रहे हैं। इस बार भी सौकड़ों की संख्या में लोग आए थे। किसी को यह भरोसा नहीं था कि सीएम से मुलाकात हो जाएगी। क्योकि उनका प्रार्थना पत्र कार्यालय प्रभारी मोतीलाल सिंह लेकर कार्रवाई को लिखते रहे। कमरे में बैठने के बाद बारी बारी से फरियादियों को बुलाया जाने लगा। यदि कोई इधर उधर था वह भी आ गया।

हर कोई कहने लगा कि बाबा से मिलेंगे। उस समय सौ से अधिक लोग वहां पहुंचे और सभी ने उनसे मुलाकात की।  जो  मिलने गया वह मास्क लगाकर गया और कमरे में जाने से पहले उनका हाथ सिनैटाइज कराया जाता था। एक घंटे से अधिक समय तक लोगों की  समस्याएं सुनी। सबका प्रार्थना-पत्र लिया। सभी को भरोसा दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा।
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