मरीजों के लिए शासन की ओर से पुराने रेट ही तय किए गए हैं। तीन श्रेणियों में शासन की ओर से आठ, 13 और अधिकतम 15 हजार रुपये ही मरीजों को प्रतिदिन के हिसाब से देने होंगे। हालांकि इंजेक्शन के लिए मरीजों को अलग से रुपये देने होंगे। शासन की ओर से बेड चार्ज के रूप में आठ, 13 और 15 हजार रुपये किए गए है। इसमें डॉक्टर फीस, नर्सिंग चार्ज, जरूरी जांच शामिल है।
इसके अलावा अगर मरीज को शुगर और बीपी की दिक्कत हैं, तो उनसे अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। जरूरत ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 13 हजार रुपये में आईसीयू की सुविधा मरीजों को दी जाएगी। जबकि 15 हजार रुपये में आईसीयू के साथ वेंटीलेंटर की सुविधा दी जाएगी। बताया कि इन्ही रुपये में मरीजों को खाना, कुछ जरूरी जांच, दवा नर्सिंग चार्ज मुहैया कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि शासन की ओर से किए गए निजी मरीजों का करेंगे, जो किए गए हैं, उनमें सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। उससे अधिक रुपये मरीजों को नहीं देने होंगे।
कोरोना की रोकथाम में टीकाकरण उत्सव महत्वपूर्ण : सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम प्रदेश के सभी नगर निगम के मेयर, नगरपालिका, नगर पंचायत के अध्यक्ष के साथ वर्चुअल मीटिंग की। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम में टीकाकरण उत्सव महत्वपूर्ण अभियान है। इसमें सभी सहयोग करें।
वर्चुअल मीटिंग में गोरखपुर से मेयर सीताराम जायसवाल एनआईसी और नगर निगम सदन में उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा समेत विभिन्न पार्षद जुड़े। सीएम योगी ने कहा कि 14 अप्रैल तक चलने वाले टीकाकरण उत्सव अभियान में सभी जनप्रतिनिधि, नगर निकाय के महापौर, अध्यक्ष, पार्षद, सभासद विशेष रूचि लेकर अधिक से अधिक नागरिकों का वैक्सीनेशन कराएं।
उन्होंने कंटेनमेंट जोन में सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल का छिड़काव नियमित रूप से कराने के भी निर्देश दिए। कहा कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैंडवाश के जरिए बहुत हद तक संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। इसमें मोहल्ला निगरानी समिति सक्रिय भूमिका निभाए।