मुख्यमंत्री ने डोर टू डोर सर्वे करके हर लक्षणयुक्त व्यक्ति को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने तथा एक अभियान के तहत टेस्टिंग कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी सीएचसी/पीएचसी, ईटीसी को सप्ताह भर के भीतर क्रियाशील करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी की रंगाई पोताई, कनेक्टिविटी, मरम्मत आदि कार्य करा लिए जाएं। साथ ही यह भी कहा कि गोरखपुर मंडल इंसेफेलाइटिस प्रभावी मंडल है और इस बीमारी से निपटने के लिए अभी से तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे एक- एक सीएचसी/पीएचसी को गोद लें।
हर जिले में हो पोस्ट कोविड वार्ड की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में 50 से 100 बेडे पोस्ट कोविड वार्ड स्थापित कर वहां सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही यह भी हिदायत दी कि जब मरीज वहां पूरी तरह से स्वस्थ हो जाए तभी उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। उन्होंने ब्लैक फंगस वार्ड बनाने तथा वहां दवाओं की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए संभावित तीसरी वेव की तैयारी भी अभी से कर लेने के निर्देश दिए। कहा कि हर जिले में आक्सीजन प्लान्ट स्थापित किए जा रहे है और हर जनपद आक्सीजन में आत्मनिर्भर होगा। इस कार्य के लिए उन्होंने एक नोडल अधिकारी भी नामित करने के निर्देश दिए।
कोरोना से बचाव में टीका ही सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव में वैक्सीनेशन (टीका) सुरक्षा कवच है। वैक्सीनेशन की कार्यवाही हर जिले में चल रही है। इसकेवेस्टेज को रोकना है। उन्होंने वैक्सीनेशन सेंटर के बाहर कॉल सेन्टर बनाने और हर सेंटर पर वेटिंगहाल भी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के साथ ही उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने ईटीसी, पीकू, मिनी पीकू को क्रियाशील करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता, फॉगिंग, सेनेटाइजेशन आदि की कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाए और अंर्तविभागीय समितियां प्रभावी रूप से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विलान्स जितना बेहतर होगा उसके परिणाम उतने ही अच्छे होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे सेंटर पर संवेदनशील होकर हर व्यक्ति से बात करें। साथ ही संवेदनशील दिखें भी और कोविड मरीज के तीमारदारों को भी भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने बताया कि जून माह से वितरित होने वाले खाद्यान्न पूरी पारदर्शिता के साथ वितरित हो और उसकी सूची जन प्रतिनिधियों को भी दी जाए, हर संदिग्ध व्यक्ति की एंटीजन एवं आरटीपीसीआर जांच की जाए तथा प्रत्येक जनपद में महिलाओं/बच्चों के लिए एक अस्पताल अवश्य संचालित रहे जहां उनका इलाज हो सके।
कमिश्नर ने मुख्यमंत्री को दी प्रगति रिपोर्ट
कमिश्नर जयन्त नार्लिकर ने जेई/एईएस की मंडलीय प्रगति रिपोर्ट तथा कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित किए जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निगरानी समितियों की कार्य प्रणाली का अनुश्रवण, आरआरटी विजिट की समीक्षा, नियमित टीकाकरण, एम्स, पीएचसी स्तर पर पीकू बेड के विस्तार आदि का कार्य तेजी से चल रहा है। जेई/एईएस के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल समिति का गठन किया गया है, दूषित पेयजल की जांच एवं संक्रमण अंतर्विभागीय टॉस्कफोर्स की बैठक, ईटीसी की कार्य प्रणाली की मानीटरिंग हो रही है। साथ ही 273 संवेदनशील गांवों को विशेष अभियान के तहत शुद्ध पेयजल, स्वच्छता आदि की कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सांसद सदर रविकिशन, बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, फतेह बहादर सिंह, संत प्रसाद, संगीता यादव, विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, महेन्द्रपाल सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री/सूचना संजय प्रसाद, कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजयेन्द्र पांडियन आदि मौजूद रहे।