मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश विरोधी नारा लगाने वालों को कड़ा संदेश दिया और कहा कि जब बात राष्ट्रीयता व राष्ट्रीय मूल्यों की आती है तो झुकने या फिर टूटने का सवाल ही नहीं उठता है। कोई भी संवाद परिस्थितिजन्य होता है। मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर नई दिल्ली के शाहीनबाग में चल रहे प्रदर्शन, एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के बयान और असदुद्दीन ओवैसी की सभा में भारत विरोधी नारे पर नाराजगी जताई है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सरस्वती विद्यामंदिर पब्लिक स्कूल चिउंटहा मानीराम में महंत अवेद्यनाथ महराज स्मृति सभागार का लोकार्पण किया। 5000 व्यक्तियों की क्षमता वाले सभागार के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं का काम भारतीय संस्कृति, परंपरा और आदर्शों के साथ रोजगार परक शिक्षा देना है।
सरस्वती विद्या मंदिर जैसी शिक्षण संस्थाएं विद्यार्थियों में भगवान राम जैसा आदर्श डालने का काम कर रही हैं। भारत की एकता, अखंडता अक्षुण्ण रहे, इसलिए संस्कारयुक्त शिक्षा आवश्यक है। कोई भी संवाद या फिर समन्वय परिस्थितिजन्य होता है। इस पर बाध्यता नहीं लागू होती है। जब बात राष्ट्रीयता और राष्ट्रीय मूल्यों, देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की हो तो झुकने या टूटने का सवाल ही नहीं उठता है।
ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ इन्हीं आदर्शों पर चले और इसी पर चलने की सीख भी देते रहे। उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहे। गोरखपुर को मूल्य युक्त शिक्षा दिलाने में महंत अवेद्यनाथ का बड़ा योगदान है।
तकनीक को अपनाएं पर गुलाम न बनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि तकनीक हमारी गुलाम हो, यह हमें गुलाम न बना सके। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों में स्मार्ट फोन के प्रति बढ़ते लगाव पर चिंता जताई और कहा कि स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल का दुष्प्रभाव पड़ता है।
महापुरुषों की जयंती पर छुट्टियां रद करने की वजह भी बताई
मुख्यमंत्री ने महापुरुषों की जयंती की छुट्टियां रद करने का कारण भी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक विद्यालय का निरीक्षण करने गए थे। वहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर छुट्टी की वजह जानना चाहा लेकिन सटीक जवाब नहीं मिला। इससे प्रेरणा मिली और कहा कि महापुरुषों के बारे में विद्यार्थी जानें, ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसका फायदा भी विद्यार्थियों को मिलेगा।
वह महापुरुषों के बारे में जानेंगे और किसी भी प्लेटफार्म पर जवाब देने को तैयार रहेंगे। इस फैसले की आलोचना भी की गई लेकिन विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई दी और कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में पर्वों के महत्व है।
शिक्षण संस्थानों को पर्व, त्योहार से जुड़ना चाहिए और इसके महत्व की जानकारी विद्यार्थियों को नियमित देना चाहिए। इससे सामूहिकता का भाव पनपता है। वह अच्छे नागरिक बनते हैं। गोरखपुर-सोनौली मार्ग शिक्षा का हब बन रहा है। इस अवसर पर शिवजी सिंह, महेंद्र कुमार अग्रवाल,रामदेव तुलस्यान,गरिमा उपाध्याय,रमाकांत निषाद,धर्मेंद्र सिंह, बृजेश यादव, उग्रसेन मल्ल, सदानन्द शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने देखा कालेसर-जंगलकौड़िया का निर्माण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कालेसर-जंगलकौड़िया फोरलेन का निरीक्षण किया। गोरखनाथ मंदिर से मानीराम जाने के दौरान मुख्यमंत्री का काफिला फोरलेन पर रुका। मुख्यमंत्री ने अफसरों को कामकाज की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। इस फोरलेन का निर्माण पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने मार्च से ही इसे शुरू करने का निर्देश दिया है। कालेसर-जंगलकौड़िया फोरलेन के शुरू होने से शहर में वाहनों का दबाव कम रहेगा। जो वाहन लखनऊ, कुशीनगर से आएंगे, वह बाहर-बाहर ही महराजगंज, सोनौली और नेपाल के लिए चले जाएंगे।