शर्मा ने बताया कि आईजीएल में कुल 90 हजार वर्गमीटर के तीन तालाबों में करीब 1.10 लाख क्यूबिक लीटर पानी का संचय किया जा रहा है। इस पानी को किसानों को कृषि कार्य के लिए मुहैया करा रहे हैं। दूसरी ओर फैक्ट्री से निकलने वाले पानी को एसटीपी की मदद से इस्तेमाल करने योग्य बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को जल संचय करने का संदेश देने के लिए गोद लिए दो स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्लांट लगाया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके प्रयासों की सराहना की।
वेबसाइट से यह होगा फायदा
वेब पोर्टल
http://upgwdonline.in/ प्रत्येक ब्लॉक में कूप पंजीयन, अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गमन, ड्रिलिंग एजेंसी के पंजीयन और विभिन्न विभागीय समस्याओं के निराकरण के लिए एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। अब तक इन कार्यों के लिए केंद्रीय एजेंसी के पास जाना होता था, लेकिन अब घर बैठे ही आवेदन कर प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
घरेलू और कृषि कार्यों में कूप के इस्तेमाल पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। आईजीएल के जीएम ने कहा कि ऐसे में उद्योगों को एनओसी के लिए भटकना नहीं होगा।