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सीएम योगी ने भूगर्भ जल विभाग की वेबसाइट का किया लोकार्पण, आईजीएल के प्रयासों को सराहा

Sun, 31 Jan 2021 09:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
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इंडिया ग्लाईकोल लिमिटेड (आईजीएल) सहजनवां के जनरल मैनेजर बीएम शर्मा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जल संरक्षण के क्रम में आईजीएल ने पहल की है। तीन तालाबों में करीब 1.10 लाख क्यूबिक लीटर पानी का संचय किया जा रहा है।

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क्षेत्र के किसान अपनी जरूरत के मुताबिक इस पानी का इस्तेमाल खेती में करते हैं। दूसरी ओर फैक्ट्री से निकलने वाले पानी को एसटीपी की मदद से इस्तेमाल करने योग्य बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आईजीएल के प्रयासों की सराहना की।

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के सरकारी आवास से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैयार 278 चेकडैम और तालाबों के साथ ही भूगर्भ जल विभाग की वेबसाइट http:upgwdonline.in का लोकार्पण किया।
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इस दौरान विभिन्न जनपदों में जल प्रबंधन के लिए प्रेरणादायी कार्य कर रही समितियों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया गया। इस क्रम में  एनआईसी सभागार से मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह के साथ आईजीएल सहजनवां के जनरल मैनेजर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

 

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1.10 लाख क्यूबिक लीटर पानी का संचय

शर्मा ने बताया कि आईजीएल में कुल 90 हजार वर्गमीटर के तीन तालाबों में करीब 1.10 लाख क्यूबिक लीटर पानी का संचय किया जा रहा है। इस पानी को किसानों को कृषि कार्य के लिए मुहैया करा रहे हैं। दूसरी ओर फैक्ट्री से निकलने वाले पानी को एसटीपी की मदद से इस्तेमाल करने योग्य बना रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को जल संचय करने का संदेश देने के लिए गोद लिए दो स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्लांट लगाया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके प्रयासों की सराहना की।

वेबसाइट से यह होगा फायदा
वेब पोर्टल http://upgwdonline.in/ प्रत्येक ब्लॉक में कूप पंजीयन, अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गमन, ड्रिलिंग एजेंसी के पंजीयन और विभिन्न विभागीय समस्याओं के निराकरण के लिए एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। अब तक इन कार्यों के लिए केंद्रीय एजेंसी के पास जाना होता था, लेकिन अब घर बैठे ही आवेदन कर प्रमाण पत्र मिल सकेगा।

घरेलू और कृषि कार्यों में कूप के इस्तेमाल पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। आईजीएल के जीएम ने कहा कि ऐसे में उद्योगों को एनओसी के लिए भटकना नहीं होगा।

 
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