गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में हनुमत प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ का विधि-विधान से शुभारंभ किया। प्रभु हनुमान की नव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 21 अप्रैल, जबकि रुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति 22 अप्रैल को होगी। इस दौरान वेदाचार्य पंडित रामानुज त्रिपाठी, आचार्य डॉ रंगनाथ त्रिपाठी, आचार्य अश्वनी त्रिपाठी के देखरेख में पूर्णाहुति तक विविध प्रकार के पूजन, अधिवास व अनुष्ठान के कार्यक्रम चलते रहेंगे।
रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य दरवाजे पर पूजन के बाद मंडप में प्रवेश किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदी का पूजन हुआ। हनुमत प्राण प्रतिष्ठा 22 अप्रैल को देवालय में की जाएगी। इसके पहले सुबह गाजे-बाजे के साथ गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजन के बीच भीम सरोवर से यज्ञ कलश में जल भरा।
भीम सरोवर की परिक्रमा करने के बाद कलश यात्रा यज्ञशाला पहुंची, जहां विभिन्न स्थलों पर यज्ञ कलश को विराजमान करवाया गया। गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने यज्ञशाला के मुख्य दरवाजे पर पूजा-अर्चना के बाद यज्ञशाला के मंडप में प्रवेश किया। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में पंचांग पूजन भी किया गया।
कलश यात्रा और रुद्र महायज्ञ में द्वारिका तिवारी, डॉ अरविन्द चतुर्वेदी, डॉ रोहित मिश्र, पुरुषोत्तम चौबे, नित्यानाद तिवारी, नारायण मिश्र सहित वेदपाठी छात्र और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।