मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की मौजूदगी में बुधवार को यूपी के 3209 नलकूप चालकों को नियुक्ति पत्र दिया। इसमें से 101 अभ्यर्थी गोरखपुर के शामिल रहे। नियुक्ति पत्र पाने के बाद अभ्यर्थी चहक उठे और कहा कि पूरी क्षमता से काम करेंगे।
मुख्यमंत्री व जलशक्ति मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लखनऊ से जुड़े थे। स्थानीय स्तर सांसद, विधायक व अफसरों की मौजूदगी में एनआईसी, सिंचाई विभाग के डाक बंगले व विकास खंड मुख्यालयों में नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित नलकूप चालकों से पूछा कि नौकरी पाने के लिए धन तो नहीं खर्च करना पड़ा?
इस पर सभी चयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि चयन पारदर्शी तरीके से हुआ है। इसपर मुख्यमंत्री ने इमानदारी से काम करने की नसीहत दी। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि यह पहला मौका है, जब नलकूप चालकों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। पहले की सरकारें किसी परिचित को नलकूप चालक बना देती थीं। अब ऐसा नहीं है। पहली बार आईटीआई डिग्री धारी को नियुक्ति मिली है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती हुई है।
यह पहला मौका है, जब 3209 में से 516 महिलाएं नलकूप चालक बनी हैं। सबको पसंदीदा जगह पर तैनाती दी गई है ताकि वह पूरी क्षमता से काम कर सकें। एनआईसी भवन में सांसद रवि किशन, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह, शीतल पांडे, संत प्रसाद, संगीता यादव और जिलाधिकारी के.विजयेंद्र पांडियन ने सभी विकास खंडों से बुलाए गए 20 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है। चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव ने डाक बंगले पर 72 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है।