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सीएम ने नलकूप चालकों से पूछा-नौकरी पाने के लिए धन तो नहीं खर्च करना पड़ा

Wed, 09 Dec 2020 05:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की मौजूदगी में बुधवार को यूपी के 3209 नलकूप चालकों को नियुक्ति पत्र दिया। इसमें से 101 अभ्यर्थी गोरखपुर के शामिल रहे। नियुक्ति पत्र पाने के बाद अभ्यर्थी चहक उठे और कहा कि पूरी क्षमता से काम करेंगे।

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मुख्यमंत्री व जलशक्ति मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लखनऊ से जुड़े थे। स्थानीय स्तर सांसद, विधायक व अफसरों की मौजूदगी में एनआईसी, सिंचाई विभाग के डाक बंगले व विकास खंड मुख्यालयों में नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित नलकूप चालकों से पूछा कि नौकरी पाने के लिए धन तो नहीं खर्च करना पड़ा?

इस पर सभी चयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि चयन पारदर्शी तरीके से हुआ है। इसपर मुख्यमंत्री ने इमानदारी से काम करने की नसीहत दी। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि यह पहला मौका है, जब नलकूप चालकों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। पहले की सरकारें किसी परिचित को नलकूप चालक बना देती थीं। अब ऐसा नहीं है। पहली बार आईटीआई डिग्री धारी को नियुक्ति मिली है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती हुई है।
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यह पहला मौका है, जब 3209 में से 516 महिलाएं नलकूप चालक बनी हैं। सबको पसंदीदा जगह पर तैनाती दी गई है ताकि वह पूरी क्षमता से काम कर सकें। एनआईसी भवन में सांसद रवि किशन, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह, शीतल पांडे, संत प्रसाद, संगीता यादव और जिलाधिकारी के.विजयेंद्र पांडियन ने सभी विकास खंडों से बुलाए गए 20 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है। चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव ने डाक बंगले पर 72 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है।
 

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आदित्य से पूछा-मुंबई से फोन तो नहीं कराए...

नलकूप चालकों में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह से संवाद किया। साथ ही शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन की तरफ इशारा करते हुए पूछा कि चयन के दौरान कहीं मुंबई से फोन तो नहीं कराए थे। इस पर सब हंसने लगे। रवि किशन ने कहा कि ‘महराज जी’ आपकी कार्यप्रणाली की चर्चा पूरे देश में है। जिस पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हो रही हैं, वैसी कभी नहीं होती थीं। नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी खुश हैं। विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कई साल बाद नलकूप चालकों की नियुक्ति पर खुशी जताई।

सीएम ने पूछा-नलकूप में तालाबंद करके गायब तो नहीं रहोगे?
अभ्यर्थी आदित्य सिंह से वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले नलकूप चालक ताला बंद कर गायब रहते थे। इससे किसान परेशान होते थे। आदित्य बताओ तुम तो ऐसा नहीं करोगे। जवाब में आदित्य ने कहा कि नहीं। हम शिकायत का मौका नहीं देंगे।

जनपद में था नलकूप चालकों का अभाव
जिले में नलकूप चालकों की कमी थी। एक नलकूप चालक पर चार से पांच नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी थी। इस नाते समय से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। जनपद में 1175 नलकूप हैं। अब नलकूप चालकों की संख्या 433 हो गई है। जनपद में 101 का चयन हुआ, लेकिन 92 ने ही प्रशिक्षण लिया है। अब एक नलकूप चालक पर दो से तीन नलकूपों की ही जिम्मेदारी रहेगी।

पहली बार महिला नलकूप चालक की नियुक्ति
पहली बार महिलाएं भी नलकूप चालक बनी हैं। बुधवार को जिले के 92 नलकूप चालकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। इसमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। नियुक्ति पत्र लेने आई प्रियंका सिंह ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। महिलाएं हवाई जहाज उड़ा सकती हैं तो नलकूप नहीं चला सकती क्या? उन्होंने कहा कि अपने कार्य से वह शिकायत का मौका नहीं देंगी।
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