मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के दो दिन पहले ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बनने वाले शौचालयों के निर्माण में लापरवाही पर 79 पंचायतों से जुड़े 67 पंचायत सचिवों को डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। विकास भवन सभागार में बुधवार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि संबंधित ग्राम पंचायतों में शौचालयों की फोटो अपलोड करने, अप्रूव्ड करने में लापरवाही बरती जा रही है। इसके अलावा 10 लाख रुपये से अधिक का फंड मौजूद होने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं कराया जा रहा।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार के सचिव परमेश्वरन अय्यर के इसी महीने के आखिरी में संभावित दौरे को लेकर सीडीओ हर्षिता माथुर ने सभी एडीओ पंचायत और पंचायत सचिवों के साथ 19 फरवरी को विकास भवन में बैठक की थी। उन्होंने सभी शौचालयों का निर्माण और फोटो अपलोड करने के लिए 25 फरवरी तक की मोहलत देने के साथ ही निर्देश की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसी बीच मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी को शौचालय निर्माण की समीक्षा का निर्णय किया है जिसके बाद आनन-फानन में पंचायतीराज विभाग ने यह कार्रवाई की।