उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल एजुकेशन से जुड़े युवाओं को आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर करने के लिए, प्रदेश के प्रत्येक जनपद में अप्रेंटिस योजना के लिए एक हब बनाने की व्यवस्था इस वर्ष के बजट में की गई है। हमने युवाओं के लिए नई योजना प्रारंभ की है, जिसमें प्रत्येक उद्योग अपने क्षेत्र से जुड़े आईटीआई या स्किल डेवलपमेंट सेंटर को अपने साथ जोड़ेगा एवं युवाओं को अप्रेंटिसशिप कराएगा। इसके लिए चिन्हित युवाओं को ₹2,500 प्रतिमाह का आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
सीएम ने आगे कहा कि हम अपने युवाओं को उस ओर अग्रसर करेंगे कि यदि देश में, दुनिया में कहीं भी रोजगार की संभावना बनेंगी, उनके लिए प्रदेश सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और मंच प्रदान करेगी। महत्वपूर्ण यह नहीं कि यहां दो ग्राम पंचायतों में ₹2.5 करोड़ की लागत से विद्यालय में कक्ष निर्माण, सामुदायिक शौचालय, पानी की शुद्धता के लिए आरओ प्लांट के निर्माण के साथ सड़क आदि के निर्माण के कार्यक्रम किए गए। महत्वपूर्ण यह है कि किस भावना के साथ इस संस्थान ने यहां पर गांव के लोगों से जुड़कर उन्हें नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने की राह दिखाई है।
उन्होंने स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि अगर शासन की योजनाओं को हम जनसहभागिता से जोड़ सकें तो एक बड़ा कार्य होगा। गांवों के मैदान को खेलकूद के लिए विकसित किया जाए और वहां ओपेन जिम हों। इसके माध्यम से ही बच्चे स्वस्थ होंगे तथा समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगे।
हर गांव में इंटरलॉकिंग की व्यवस्था हो, ड्रेनेज हो, जल संचयन के लिए तालाब हो, इन सबके लिए युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है। यदि कोई कार्य केवल सरकार चलाए तो उसका उतना मूल्य नहीं होता, निजी क्षेत्र इसमें 10% भी सहयोग करे तो उसकी ताकत दस गुना बढ़ जाती है। वर्ष 2017 से हमने प्रदेश के 1.2 लाख बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों को बहुत अच्छे ढंग से कॉन्वेंट और पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर आगे बढ़ाने का कार्य जनसहभागिता के माध्यम से किया है।